Varanasi News :- वाराणसी के सिंहपुर, थाना सारनाथ निवासी सूरज बरनवाल ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर स्वयं को झूठे और कूटरचित मुकदमे में फँसाए जाने से सुरक्षा एवं न्याय की मांग की है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि एक महिला जानबूझकर साजिशन उन्हें फर्जी मुकदमे में फँसाने का प्रयास कर रही है, जिससे उनकी और उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच रहा है।
👉 पीड़ित का पक्ष:
प्रार्थी सूरज बरनवाल पुत्र स्व. जयप्रकाश, पेशे से माइक्रो फाइनेंस बैंक कर्मचारी हैं, जो अपने बड़े भाई-भाभी के साथ सिंहपुर क्षेत्र में किराए पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि वे एक सीधे-सादे, कानून में विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं।
सूरज के अनुसार, पड़ोस में रहने वाली एक महिला जो कि ग्राम कुशासन, भभुआ (बिहार) की निवासी है और सारनाथ थाना क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों से अपनी माँ और भाई के साथ रह रही है, ने अप्रैल 2025 में उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित ने दावा किया कि उक्त महिला पहले उनकी भाभी सुमन के कहने पर अक्टूबर 2024 से उनके घर मासिक 5000 रुपये वेतन पर घरेलू सहायिका के रूप में कार्य कर रही थी, जिसमें साफ-सफाई और एक बच्चे की देखरेख की जिम्मेदारी थी। महिला को वेतन नकद और ऑनलाइन माध्यम से दिया जाता था।
👉 गंभीर आरोप:
सूरज ने बताया कि महिला ने अप्रैल में सारनाथ थाने में उनके विरुद्ध कूटरचित, मनगढ़ंत और संगीन आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर थाना प्रभारी ने आरोपों को निराधार बताया और किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद से, महिला गाँव में घूम-घूम कर पीड़ित और उसके परिवार को बदनाम कर रही है, और खुलेआम फर्जी मुकदमे में फँसाकर सबक सिखाने की धमकी दे रही है। सूरज ने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने उनकी कैंसर पीड़ित भाभी को भी मामले में घसीटने का प्रयास किया और स्वयं को उनकी पत्नी होने का झूठा दावा भी किया।
👉 न्याय की माँग:
पीड़ित सूरज बरनवाल ने पुलिस आयुक्त से अपील की है कि वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और संबंधित थाना सारनाथ को सख्त एवं निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दें, ताकि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न से मुक्ति मिल सके।
Author: Suryodaya Samachar
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