G7 :- जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर भरोसे और सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया विश्वास की कमी जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। उन्होंने देशों के बीच नई साझेदारियों और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
ब्रिटेन और यूएई के नेताओं से की द्विपक्षीय वार्ता
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा और आपसी सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
कनाडा के साथ संबंधों को नई दिशा देने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत करने पर बातचीत हुई। साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
‘विश्वास की कमी’ पर जताई चिंता
जी-7 नेताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भरोसे की कमी कई चुनौतियों को जन्म दे रही है। ऐसे समय में देशों को मिलकर नई साझेदारियों का निर्माण करना होगा और वैश्विक एकजुटता को मजबूत बनाना होगा।
भारत की भूमिका पर दुनिया की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और जी-7 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के विचारों को गंभीरता से सुना जा रहा है।
Author: Suryodaya Samachar
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