Varanasi News :- उत्तर प्रदेश आँगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार को वरुणापुल शास्त्री घाट पर बड़ी संख्या में आँगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ और सहायिकाएँ जुटीं। अपने 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने “अधिकार सभा” व धरना-प्रदर्शन किया। यह आंदोलन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बाबूलाल मौर्य की अध्यक्षता में हुआ, जबकि संचालन जिला मंत्री श्रीमती गीता सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विनोद पांडेय एवं शकुंतला यादव द्वारा किया गया।
धरने में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अंजनी मौर्या एवं प्रदेश महामंत्री लीला सिंह ने भाग लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आँगनबाड़ी बहनों की समस्याओं का समाधान सरकार नहीं कर रही है, बल्कि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। “राशन और पोषाहार तक के लिए कार्यकत्रियों को खुद के लाभार्थियों से मांग करनी पड़ रही है।”
समस्याओं की प्रमुख झलक:
नैफेड द्वारा भेजी जा रही सामग्री (दाल, तेल, दलिया आदि) सीधे केंद्र तक न पहुँचाकर वार्डों में उतार दी जाती है, जिससे कार्यकर्ताओं को भारी असुविधा हो रही है।
पोषण ट्रैकर में E-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन की बाध्यता के बावजूद कार्यकत्रियों के पास पुराने 2G मोबाइल हैं, जिनसे काम संभव नहीं है।
कर्मचारियों ने मांग की कि जब तक 5G मोबाइल और डाटा इंटरनेट की सुविधा नहीं मिलती, तब तक इस प्रणाली पर कार्य रोका जाए।
चुनावी ड्यूटी में आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ड्यूटी न लगाने संबंधी निदेशालय आदेशों की हो रही अनदेखी पर रोष जताया गया।

प्रमुख मांगें:
1. आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राजकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
2. अन्य राज्यों की तरह मानदेय बढ़ाया जाए।
3. पदोन्नति में 50 वर्ष की आयु सीमा को समाप्त किया जाए।
4. 62 वर्ष के बाद सेवानिवृत्ति पर पेंशन की व्यवस्था लागू की जाए।
5. पोषाहार, प्रमोशन और अन्य मद में हो रही अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए।
अधिकार सभा में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मंच साझा कर आँगनबाड़ी कर्मचारियों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया और लखनऊ तक आंदोलन को ले जाने का संकल्प दोहराया।
धरने में उपस्थित प्रमुख लोग:
उमेश बहादुर सिंह, बृजेश यादव, विनोद कुमार पांडेय, श्रीमती गीता सिंह, प्रवेश सिंह, शैल सिंह, सरिता पांडेय, शशिकला पाल, रानू मौर्या, रेखा श्रीवास्तव, पूजा सिंह, सीमा गुप्ता, नंदिनी यादव सहित हजारों की संख्या में आँगनबाड़ी कार्यकत्रियाँ व समर्थक मौजूद रहे।
संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक माँगे पूरी नहीं होतीं — यह आँगनबाड़ी कर्मियों की एकजुट आवाज थी।
Author: Suryodaya Samachar
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