Priya Bapat :- अभिनेत्री प्रिया बापट ने अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान वह एक किसिंग सीन को लेकर असहज महसूस कर रही थीं। उन्होंने कहा कि उस समय वह यह समझने की कोशिश कर रही थीं कि कहानी में उस दृश्य की वास्तविक आवश्यकता क्या थी।
एक इंटरव्यू में प्रिया ने बताया कि स्क्रिप्ट पढ़ते समय उन्होंने निर्देशक से कई बार सवाल किया था कि उस दृश्य को फिल्म में शामिल करने का उद्देश्य क्या है। उनका कहना था कि उन्हें किसी दृश्य से व्यक्तिगत आपत्ति नहीं थी, बल्कि वह यह जानना चाहती थीं कि वह कहानी के लिए कितना जरूरी है।
स्क्रिप्ट पर उठाए थे सवाल
प्रिया के अनुसार, निर्देशक उस दृश्य को लेकर आश्वस्त थे और कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते थे। काफी विचार-विमर्श के बाद उन्होंने पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए उस दृश्य के लिए सहमति दी।
शूटिंग के दौरान महसूस की असहजता
अभिनेत्री ने बताया कि बाद में एक गीत की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसे क्षण आए, जिनसे वह सहज महसूस नहीं कर रही थीं। उन्होंने कहा कि उस समय वह अपने विचार स्पष्ट रूप से सामने नहीं रख सकीं, क्योंकि वह स्थिति को समझने और संभालने की कोशिश कर रही थीं।
कार्यस्थल पर संवाद और सम्मान की जरूरत
प्रिया बापट का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री सहित हर कार्यस्थल पर कलाकारों और कर्मचारियों की सहजता, सहमति और सम्मान को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय के साथ कलाकार अपने अधिकारों और सीमाओं को लेकर अधिक जागरूक हुए हैं।
Author: Suryodaya Samachar
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