Varanasi News :- धरोहर संरक्षण सेवा संगठन द्वारा चलाए जा रहे संस्कृति संवाद यात्रा का 42वाँ पड़ाव रविवार को कृष्णा पब्लिक स्कूल, दुलहीपुर (दीनदयाल नगर, चंदौली) में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर राष्ट्र, संस्कृति और शिक्षा पर गहन विमर्श हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जाने-माने समाजसेवी अजय तिवारी ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में संगठन के प्रमुख संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय उपस्थित रहे। श्री पाण्डेय ने अपने विचार रखते हुए कहा:
> “आज देश जिन संकटों से जूझ रहा है – जैसे आतंकवाद, भ्रष्टाचार, आजीविका जिहाद, लैंड जिहाद, लव जिहाद और धर्मांतरण – उनसे निपटने का एकमात्र मार्ग है सनातन संस्कृति युक्त शिक्षा। जब तक देश का युवा अपनी संस्कृति, अपने धर्म और अपने मूल्यों को नहीं समझेगा, तब तक न राष्ट्र सुरक्षित होगा और न ही समाज। भारत को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सनातन संस्कृति को शिक्षा के मूल ढांचे में शामिल करना अनिवार्य है।”
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी इस विचार को विस्तार दिया। दशरथ पाल ने चिंता जताई कि:
> “आज संस्कृति आधारित शिक्षा के अभाव में बृद्धा आश्रमों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जो भारतीय समाज की आत्मा के लिए अत्यंत दुखद है।”
वहीं जयदीप तिवारी ने कहा कि:
> “राष्ट्र की सुरक्षा तभी संभव है जब धर्म और संस्कृति की जड़ें गहरी हों। सनातन धर्म जितना मजबूत होगा, भारत उतना ही अडिग रहेगा।”
इस अवसर पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे जिनमें प्रमुख रूप से बृजेश शर्मा, राधेश्याम पाण्डेय, विनय पाण्डेय, विवेक चौहान, रिप्पू तिवारी और आशीष शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन आशीष तिवारी ने किया, जबकि संचालन की जिम्मेदारी गौरव मिश्र ने निभाई।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया।
Author: Suryodaya Samachar
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