Varanasi breaking news today :- श्री काशी विश्वनाथ धाम में आगामी श्रावण मास और पर्व-त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को अपर निदेशक आईबी विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा ने धाम क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का गहन जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने धाम क्षेत्र की गलियों, घाटों, प्रवेश और निकास मार्गों सहित संवेदनशील स्थलों का दौरा किया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती, आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
धाम क्षेत्र में बढ़ेगी एआई कैमरों की निगरानी
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि धाम क्षेत्र में पहले से लगे करीब 325 सीसीटीवी कैमरों के साथ अब अतिरिक्त एआई युक्त कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके। इसके अलावा पीटीजेड कैमरे, ड्रोन तकनीक और एंटी ड्रोन सिस्टम को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को और अभेद्य बनाने के लिए मंदिर परिसर की परिधीय दीवारों की ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वहीं भैरव गेट पर आधुनिक स्लाइडिंग गेट लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सके।
श्रद्धालुओं को मिलेगी सुगम दर्शन व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रमुख द्वार संख्या-04 के पास प्रशासनिक भवन के बगल से वैकल्पिक मार्ग संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उड़पी क्षेत्र और गंगा द्वार की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं की वापसी अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगी।
भीड़ प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखाई दिया। अधिकारियों ने चरणबद्ध बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया, वीडियो वॉल और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। श्रावण मास के दौरान नो-व्हीकल और नो-मैन जोन लागू करने पर भी चर्चा की गई।
घाटों और जलमार्गों पर बढ़ेगी चौकसी
गंगा घाटों की सुरक्षा को लेकर जल पुलिस, एनडीआरएफ और पीएसी की संयुक्त बोट पेट्रोलिंग को और तेज करने का फैसला लिया गया। घाटों पर अतिरिक्त मोटर बोट तैनात करने और चौकसी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
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सोशल मीडिया और साइबर मॉनिटरिंग पर विशेष फोकस
कमिश्नरेट की सोशल मीडिया सेल को संवेदनशील सूचनाओं की लगातार निगरानी करने और किसी भी अफवाह पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही साइबर ऑडिट और डिजिटल सुरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, कैनोपी और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रावण मास में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन की सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगामी पर्वों और श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
FAQs
Q1. काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या बड़े फैसले लिए गए?
धाम क्षेत्र में एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक स्लाइडिंग गेट, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती जैसे बड़े फैसले लिए गए हैं।
Q2. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्या नई व्यवस्था की जाएगी?
श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक मार्ग, बेहतर बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया, वीडियो वॉल और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।
Q3. क्या श्रावण मास में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू होगी?
हाँ, श्रावण मास और विशेष पर्वों के दौरान नो-व्हीकल और नो-मैन ज़ोन व्यवस्था लागू करने पर प्रशासन द्वारा चर्चा की गई है।
Q4. घाटों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
गंगा घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ और पीएसी की संयुक्त बोट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाएगा।
Q5. सोशल मीडिया और साइबर सुरक्षा को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
सोशल मीडिया सेल को संवेदनशील सूचनाओं की निगरानी और साइबर ऑडिट को नियमित रूप से मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
Author: Suryodaya Samachar
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