Uttar Pradesh News :- श्रावण मास में आस्था और श्रद्धा का केंद्र बनी काशी नगरी में उत्तर प्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देशों का खुला उल्लंघन सामने आया है। शिवपुर बायपास रोड पर सार्वजनिक स्थान पर मछली की खुलेआम बिक्री ने स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत किया है और साथ ही प्रशासनिक निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
📜 शासनादेश क्या कहता है?
उत्तर प्रदेश शासन ने श्रावण मास के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मीट, मछली और मुर्गा आदि की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाने का आदेश जारी किया था। खासकर काशी जैसे पवित्र नगर में इस आदेश को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
🚫 हकीकत में खुलेआम हो रही बिक्री
इसके विपरीत, शिवपुर बायपास पर सड़क किनारे खुलेआम मछली बेची जा रही है। इससे न सिर्फ धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि यह शासनादेश की सीधी अवहेलना है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई दिनों से यह दृश्य आम हो चुका है, परंतु स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
❓ प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत?
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का मानना है कि या तो पुलिस प्रशासन इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है, या फिर मछली विक्रेताओं और संबंधित अधिकारियों के बीच मिलीभगत का मामला हो सकता है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब पूरे प्रदेश में आदेश का पालन हो रहा है, तो काशी में यह ढील क्यों?
📣 लोगों की माँग: तुरंत कार्रवाई हो
क्षेत्रीय श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि श्रावण मास की पवित्रता बनाए रखने के लिए तुरंत कार्यवाही की जाए और इस तरह की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सख्त रोक लगाई जाए।
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Author: Suryodaya Samachar
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