Saharsa Bridge Accident :- बिहार के सहरसा जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। डेहरार थाना क्षेत्र के नोला पंचायत स्थित भेलाही वार्ड संख्या-8 में अधूरे पुल निर्माण के दौरान बने गहरे गड्ढे में डूबने से दो सगी मासूम बहनों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्कूल से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, गोविंदपुर गांव निवासी नंदन यादव की बेटियां निक्की कुमारी (7 वर्ष) और निभा कुमारी (4 वर्ष) स्कूल से घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अधूरे पुल निर्माण के पास बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में दोनों बच्चियां गिर गईं। जब तक आसपास के लोग उन्हें बाहर निकालते, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
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पुल निर्माण में लापरवाही का आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण के दौरान बने गड्ढे को न तो सुरक्षित किया गया और न ही वहां किसी तरह की चेतावनी या बैरिकेडिंग की व्यवस्था थी। उनका कहना है कि यदि निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए होते तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पुल निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित ठेकेदार कमलेश यादव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अधूरे निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने दो मासूम जिंदगियां छीन लीं।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही डेहरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार की दो बेटियों की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
Author: Suryodaya Samachar
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