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Shardiya Navratri 2025: व्रत में जरूर करें इन 5 नियमों का पालन, मिलेगी माँ दुर्गा की कृपा और मनोवांछित फल

Shardiya Navratri 2025 :- शक्ति की साधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 22 सितंबर 2025, सोमवार से प्रारंभ होकर 30 सितंबर तक मनाया जाएगा। यह पर्व माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना और उपवास के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर है। मान्यता है कि नवरात्रि में किए गए व्रत, नियम और साधना से मनुष्य की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और देवी माँ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

 

नवरात्रि व्रत का महत्व

नवरात्रि का व्रत केवल भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक कठोर साधना है। इसमें तन, मन और आत्मा की शुद्धि पर विशेष बल दिया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, जो साधक नवरात्रि व्रत को पूरे विधि-विधान और नियमों के साथ करता है, वह देवी माँ की कृपा से सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य प्राप्त करता है।

 

🌸 नवरात्रि व्रत में पालन करने योग्य प्रमुख नियम

1️⃣ सात्विक आहार का सेवन

व्रत के दिनों में केवल सात्विक भोजन ही करें। फलाहार, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू, राजगिरा और सिंघाड़े जैसे आहार का सेवन करें। प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा और अन्य तामसिक भोजन पूरी तरह से वर्जित है। भोजन में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग करें।

2️⃣ ब्रह्मचर्य का पालन

नवरात्रि व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य माना गया है। इससे साधक की ऊर्जा आध्यात्मिक साधना और भक्ति में लगती है।

 

3️⃣ आचरण और वाणी की शुद्धता

इन नौ दिनों में झूठ बोलने, चुगली करने, अपशब्द कहने या किसी को अपमानित करने से बचें। वाणी में मधुरता और आचरण में शुद्धता रखें।

 

4️⃣ स्वच्छता और भूमि शयन

नवरात्रि के दिनों में प्रतिदिन स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ रखें। कई भक्त इन दिनों पलंग पर न सोकर भूमि शयन करते हैं। यह माँ दुर्गा के प्रति समर्पण और विनम्रता का प्रतीक है।

 

5️⃣ माँ दुर्गा की साधना और पाठ

प्रतिदिन माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करें। दुर्गा सप्तशती, देवी कवच और दुर्गा चालीसा का पाठ करने से साधक को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। अखंड ज्योति प्रज्वलित करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

 

🪔 नवरात्रि व्रत में ध्यान रखने योग्य अतिरिक्त बातें

व्रत के दौरान नाखून, बाल और दाढ़ी-मूंछ काटना वर्जित है।

क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।

कन्या पूजन और अन्नदान से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।

नवमी या अष्टमी तिथि पर नौ कन्याओं को भोजन कराकर, उन्हें उपहार देने से माँ दुर्गा प्रसन्न होती हैं।

 

🌺 नवरात्रि 2025 का शुभ मुहूर्त

प्रारंभ तिथि: सोमवार, 22 सितम्बर 2025

समापन तिथि: मंगलवार, 30 सितम्बर 2025

अष्टमी पूजन: 29 सितम्बर 2025

महानवमी और कन्या पूजन: 30 सितम्बर 2025

 

👉 इस नवरात्रि यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो इन नियमों का पालन कर देवी माँ की विशेष कृपा अवश्य प्राप्त करें।

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Author: Suryodaya Samachar

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