
Rahul Gandhi :- कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को देश में जातिगत भेदभाव को लेकर कई गंभीर दावे किए। दिल्ली में कांग्रेस की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि भेदभाव आज भी गांवों के साथ-साथ शहरों में दिखाई देता है। इसी दौरान उन्होंने चाय की दुकानों पर अलग-अलग कप इस्तेमाल किए जाने का उदाहरण भी दिया।
चाय की दुकान पर अलग कप का दावा
राहुल गांधी ने दावा किया कि कुछ चाय की दुकानों पर दो तरह के कप इस्तेमाल किए जाते हैं। उनके मुताबिक, सामान्य ग्राहकों को दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले कांच के कप में चाय दी जाती है, जबकि दलितों के लिए कागज या प्लास्टिक के डिस्पोजेबल कप का इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने इसे देश में जारी जातिगत भेदभाव की तस्वीर का हिस्सा बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं शहरों और गांवों दोनों जगह देखने को मिलती हैं।
कुएं और स्कूलों में भेदभाव का भी लगाया आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में अन्य उदाहरण भी गिनाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर दलितों को सार्वजनिक कुओं से पानी लेने की अनुमति नहीं दी जाती और उन्हें अलग व्यवस्था करनी पड़ती है।
उन्होंने स्कूलों में दलित बच्चों से सफाई का काम कराए जाने और शादी के दौरान घोड़ी पर बैठने को लेकर विवाद तथा हमलों का भी जिक्र किया। ये सभी बातें उन्होंने जातिगत भेदभाव के उदाहरण के तौर पर रखीं।
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खड़गे के कार्यक्रम स्थल के ‘शुद्धीकरण’ पर भी हमला
राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धीकरण’ को लेकर भी भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने इसे छुआछूत से जोड़ते हुए मामले में SC/ST Act के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश हैं।
पुराने ‘स्पेशल बाथ’ आरोप की भी चर्चा
राहुल गांधी के ताजा बयानों के बीच उनके खिलाफ लगाए गए एक पुराने राजनीतिक आरोप की भी चर्चा फिर शुरू हो गई है। 2008 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री मायावती ने आरोप लगाया था कि दलित परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने घर लौटकर कथित तौर पर ‘विशेष स्नान’ और शुद्धिकरण किया था। यह मायावती का पुराना राजनीतिक आरोप था; इसे स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उस समय लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
Author: Suryodaya Samachar
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