
Raksha Bandhan 2026 :- भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। बदले में भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेते हुए उसे उपहार देता है।
रक्षाबंधन पर शुभ योगों का संयोग
पंचांग के अनुसार इस वर्ष रक्षाबंधन पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। पर्व को लेकर लोगों में खास उत्साह है। इस बार भद्रा को लेकर भी विशेष राहत बताई जा रही है। हालांकि रक्षाबंधन के आसपास पंचक और चंद्र ग्रहण की स्थिति को लेकर भी चर्चा है, इसलिए राखी बांधने से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय देखना उचित रहेगा।
राखी बांधने से पहले ऐसे करें पूजा
राखी बांधने से पहले भाई को साफ आसन पर बैठाएं। पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें। सबसे पहले भगवान का पूजन करें। इसके बाद भाई के माथे पर रोली या चंदन का तिलक लगाकर अक्षत लगाएं और उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करें।
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पूजा की थाली में रखें ये चीजें
रक्षाबंधन की पूजा थाली में राखी, रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई, फूल और जल रखना शुभ माना जाता है। अपनी परंपरा के अनुसार थाली में अन्य पूजन सामग्री भी शामिल की जा सकती है।
राखी बांधते समय रखें इन बातों का ध्यान
राखी बांधते समय भाई का मुख उचित दिशा में हो और बहन शांत मन से पूजा करे। राखी बांधने के बाद आरती करें और मिठाई खिलाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में राखी बांधना विशेष फलदायी माना जाता है।
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Author: Suryodaya Samachar
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