Lakheempur kheeri :- थाना खीरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कीरतपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापिका की संवेदनहीनता और मनमानी का मामला सामने आया है। एक सात वर्षीय मासूम छात्र की स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) में “आचरण सही नहीं” जैसी टिप्पणी लिखकर शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है।
मामला तब सुर्खियों में आया जब संबंधित प्रकरण को एक स्थानीय पत्रकार द्वारा समाचार माध्यमों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानाध्यापिका द्वारा एक ही छात्र की दो अलग-अलग टीसी जारी की गईं, जिसमें से एक पर अनुचित आचरण संबंधी टिप्पणी की गई थी।
इतना ही नहीं, यह भी सामने आया है कि इस बच्चे की उम्र महज सात वर्ष है, और उस पर इस तरह की नकारात्मक टिप्पणी करना न केवल बाल मनोविज्ञान के विरुद्ध है बल्कि नियमों और शिक्षक धर्म के भी विपरीत है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने तत्काल प्रभाव से खंड शिक्षा अधिकारी, नकहा को जांच सौंपी है। बीएसए ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि प्रधानाध्यापिका दोषी पाई जाती हैं तो उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिक्रिया और सवाल
इस मामले ने प्राथमिक शिक्षा तंत्र और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एक सात साल का बच्चा अपने ‘आचरण’ के आधार पर टीसी में ऐसा मूल्यांकन पाने का हकदार है ?
लखीमपुर: स्कूल में शिक्षक गायब, पत्रकार को धमकी , प्रधानाध्यापक पर अनाज व्यापार का आरोप
Author: Suryodaya Samachar
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