How to Clean Ear Wax:- कान का मैल तब तक खतरे की घंटी नहीं है, जब तक यह सामान्य मात्रा में बनता है और किसी तरह की दिक्कत नहीं पहुंचाता। लेकिन अगर इसके लक्षण नज़र आने लगें, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। कॉटन बड्स से खुद साफ करने की गलती न करें।
कान का मैल, जिसे मेडिकल भाषा में सेरुमेन (Cerumen) कहते हैं, वास्तव में कान में बनने वाला एक प्राकृतिक पदार्थ है। इसका रंग हल्का पीला से लेकर भूरा होता है और यह मोम जैसा चिपचिपा दिखाई देता है। इसे बाहरी कान की छोटी ग्रंथियां बनाती हैं। यह गंदगी नहीं, बल्कि कान की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए जरूरी तत्व है।
कान के मैल के फायदे
- यह धूल, मिट्टी, बैक्टीरिया और छोटे कीड़े-मकोड़ों को कान में जाने से रोकता है।
- कान को नमी प्रदान करता है।
- धीरे-धीरे बाहर निकलकर कान की धूल और गंदगी साफ करता है।
कब खतरनाक बनता है ईयरवैक्स?
जब यह ज़्यादा मात्रा में जमा हो जाए या बहुत सख्त हो जाए। इसके नुकसान हैं:
- कान का बंद होना।
- कान की नली का ब्लॉक होना।
- सुनने की क्षमता कम होना।
- कान में दर्द और दबाव की समस्या।
विशेषज्ञ डॉक्टर की राय
डॉ. मोहम्मद नसीरुद्दीन, वरिष्ठ ईएनटी और हेड-नेक सर्जन, अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल, कोंडापुर बताते हैं कि यदि कान का मैल ज़्यादा है तो इसे सही तरीके से साफ करवाना चाहिए।
कान की सफाई के तरीके
1. एंडोस्कोपिक क्लीयरेंस टेक्निक –
इस प्रक्रिया में कान के अंदर एक एंडोस्कोपिक कैमरा डाला जाता है, जिससे स्क्रीन पर कान की पूरी नली दिखाई देती है। फिर छोटे उपकरण की मदद से जमा हुआ मैल या तरल बाहर निकाला जाता है।
2. सक्शन (Microsuction Method)
इसमें डॉक्टर एक पतली मशीन की मदद से कान के अंदर का वैक्स खींच लेते हैं। यह तरीका बहुत सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें कान की झिल्ली को कोई नुकसान नहीं होता।
2. इरिगेशन (Irrigation Method)
इस प्रक्रिया में गुनगुने पानी की हल्की धार कान में डाली जाती है। पानी के दबाव से कान का जमा हुआ मैल धीरे-धीरे बाहर निकल आता है। (लेकिन यह तरीका हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होता, जैसे कान की झिल्ली फटी हो तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए)।
3. ईयर ड्रॉप्स (Ear Drops)
डॉक्टर कई तरह के ड्रॉप्स लिखते हैं, जैसे ग्लिसरीन, मिनरल ऑयल या खास ईयर ड्रॉप्स, जो कान के मैल को मुलायम कर देते हैं। कुछ दिनों तक डालने से वैक्स अपने आप ढीला होकर बाहर निकल आता है।
4. मैनुअल रिमूवल (Manual Removal)
कुछ मामलों में ईएनटी विशेषज्ञ छोटे उपकरण (जैसे curette या forceps) से सावधानीपूर्वक मैल निकालते हैं। यह काम केवल डॉक्टर ही कर सकते हैं।
⚠️ ध्यान रखें –
- खुद से कॉटन बड्स, पिन या किसी नुकीली चीज़ से कान साफ करने की कोशिश न करें।
- बार-बार कान साफ करने की आदत कान की नैचुरल प्रोटेक्शन सिस्टम को खराब कर सकती है।
- अगर सुनने में दिक्कत, दर्द या बार-बार मैल जमा होने की समस्या है तो तुरंत ईएनटी डॉक्टर से संपर्क करें।
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Author: Suryodaya Samachar
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