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CJI:– आज बॉम्बे हाईकोर्ट के नए परिसर की रखेंगे आधारशिला सीजेआई चंद्रचूड़, मिलेंगी कई सुविधाएं…

CJI:– भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी. वाई. चंद्रचूड़ आज बॉम्बे हाईकोर्ट के नए परिसर की आधारशिला रखेंगे। इस नए भवन में अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जो न्यायिक कार्यों की दक्षता और न्यायिक अधिकारियों की कार्यक्षमता को और बढ़ावा देंगी। यह कदम भारत की न्यायिक प्रणाली को और सशक्त बनाने और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

भारत के प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ आज मुंबई के बांद्रा में बॉम्बे हाईकोर्ट के नए परिसर की आधारशिला रखेंगे। इस नए परिसर में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा, जिसमें कई अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।

कर्मचारियों के लिए पुस्तकालय सहित कई सुविधाएं 

यहां विशाल और आधुनिक तरीके से डिजाइन किए गए अदालत कक्ष होंगे, साथ ही न्यायाधीशों और रजिस्ट्री कर्मियों के लिए विशेष कक्ष उपलब्ध होंगे। परिसर में एक मध्यस्थता केंद्र (Arbitration Centre) और एक भव्य सभागार का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा, वकीलों, कर्मचारियों और वादियों के लिए पुस्तकालय और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।इस अत्याधुनिक भवन के निर्माण से न्यायपालिका को और अधिक सक्षम और सुविधाजनक बनाया जाएगा, जिससे न्यायिक कार्यों में तेजी और सुगमता आएगी।

महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी हुई प्रेस विज्ञप्ति 

महाराष्ट्र सरकार की ओर से रविवार को इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें बताया गया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के नए परिसर के निर्माण के लिए 30.16 एकड़ भूमि का चरणबद्ध तरीके से हाईकोर्ट को सौंपा जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया कि 4.39 एकड़ की पहली किश्त पहले ही हाईकोर्ट को दी जा चुकी है, जिससे नए परिसर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सके।

यह भूमि बांद्रा इलाके में स्थित है, जहां इस अत्याधुनिक और भव्य हाईकोर्ट परिसर का निर्माण होगा, जो भविष्य में न्यायिक व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगा।

बॉम्बे हाईकोर्ट की यह योजना हितधारकों को बैंकिंग और दूरसंचार, चिकित्सा सुविधाओं, डिजिटलीकरण केंद्र, क्रेच, कैफेटेरिया, प्रतीक्षा क्षेत्र, बहुमंजिला कार पार्क, संग्रहालय और वकीलों के कक्षों जैसी सहायक सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने में सक्षम बनाती है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए नए परिसर को डिजाइन किया गया है।

कहां स्थित है नया परिसर

जिस भूमि पर बॉम्बे हाईकोर्ट का नया परिसर बनेगा, वह मुंबई के द्वीप शहर और महानगर के उपनगरों के बीच स्थित है। यह स्थान मुख्य पश्चिमी एक्सप्रेस राजमार्ग और देश के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों में से एक बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के निकट है, जिससे इसकी रणनीतिक और भौगोलिक महत्ता बढ़ जाती है।

बॉम्बे हाईकोर्ट की स्थापना 16 अगस्त, 1862 को की गई थी, और वर्तमान में यह मुंबई के फ्लोरा फाउंटेन (हुतात्मा चौक) के पास स्थित एक ऐतिहासिक और शानदार इमारत में कार्य कर रहा है। इस भवन में नवंबर 1878 से अदालत का संचालन हो रहा है, जो अपनी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है।

बॉम्बे हाईकोर्ट का अधिकार क्षेत्र महाराष्ट्र के अलावा नागपुर और औरंगाबाद में स्थित बेंचों के माध्यम से पूरे राज्य पर है, साथ ही गोवा में एक बेंच के माध्यम से भी इसका न्यायिक कार्य संचालित होता है। इसके अतिरिक्त, हाईकोर्ट दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के केंद्र शासित प्रदेशों पर भी न्यायिक अधिकार रखता है। हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 94 है, लेकिन वर्तमान में 66 न्यायाधीश ही कार्यरत हैं।

नया भवन न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाएगा, बल्कि…

इस नए हाईकोर्ट परिसर में आधुनिक तकनीक से लैस कोर्ट रूम, उन्नत सुरक्षा सुविधाएं, वकीलों और न्यायाधीशों के लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं, डिजिटल रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था और ई-कोर्ट सेवाओं का विस्तार शामिल होगा। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा ताकि भवन ऊर्जा कुशल और टिकाऊ हो।

यह नया भवन न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाएगा, बल्कि न्यायिक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा देगा। इसके साथ ही, यह कदम देश के कानूनी ढांचे को और सशक्त करेगा और नागरिकों को समयबद्ध न्याय दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

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Author: Suryodaya Samachar

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