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Aharora Thakur Ji Mela :- अहरौरा ठाकुर जी मेले में श्रृंगार को लेकर विवाद, बैठक के बाद सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा मामला

Aharora Thakur Ji Mela :- अहरौरा के प्रसिद्ध ठाकुर जी के तीन दिवसीय ऐतिहासिक रथयात्रा मेले के तीसरे दिन भगवान के श्रृंगार को लेकर उठा विवाद आखिरकार आपसी संवाद और बैठक के बाद सुलझ गया। दानदाताओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषणों से ठाकुर जी का श्रृंगार नहीं किए जाने को लेकर दानदाता परिवार और राधाकृष्ण मंदिर समिति के बीच मतभेद सामने आए थे।

मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर समिति ने सभी आभूषण उपस्थित लोगों के सामने प्रस्तुत किए। आभूषण सुरक्षित मिलने के बाद दानदाता परिवार समेत मौजूद लोगों ने संतोष जताया और विवाद को Mutual Discussion के जरिए समाप्त कर दिया गया।

आभूषणों से श्रृंगार नहीं होने पर उठे सवाल

मेले के तीसरे दिन दानदाता मुरली मनोहर शाह एवं रामनाथ परिवार की ओर से मंदिर समिति के समक्ष ठाकुर जी के श्रृंगार को लेकर आपत्ति जताई गई। दानदाता परिवार का कहना था कि पिछले करीब तीन वर्षों से मेले के दौरान परंपरा के अनुसार उनके द्वारा चढ़ाए गए आभूषणों से ठाकुर जी का श्रृंगार नहीं किया जा रहा है।

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दानदाता परिवार ने अपनी Concern मंदिर समिति के सामने रखी और कहा कि उनकी इच्छा केवल धार्मिक परंपरा को बनाए रखने की है।

सुरक्षा को लेकर समिति ने दी अपनी बात

वहीं, राधाकृष्ण मंदिर समिति की ओर से कहा गया कि सोने-चांदी के सभी आभूषण सुरक्षित हैं। समिति का कहना था कि Security Reason को ध्यान में रखते हुए आभूषणों से श्रृंगार नहीं कराया जा रहा था।

समिति के अनुसार आभूषणों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता थी और इसी वजह से श्रृंगार को लेकर अलग व्यवस्था अपनाई गई। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच Communication Gap को दूर करने के लिए बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया।

मंदिर परिसर में हुई महत्वपूर्ण बैठक

विवाद के समाधान के लिए मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई। इसमें वाराणसी से मंदिर के संरक्षक ओपी तुलस्यान को भी बुलाया गया। बैठक के दौरान मंदिर समिति ने सोने-चांदी के सभी आभूषण उपस्थित लोगों के सामने रखे।

आभूषण प्रस्तुत किए जाने के दौरान चौकी इंचार्ज आशीष कुमार सिंह पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर मौजूद रहे। आभूषणों को देखकर उपस्थित लोगों ने संतोष जताया।

इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और पूरे मामले को Peaceful और Cordial Manner में सुलझा लिया गया।

Aharora Thakur Ji Mela :- दानदाता बोले- परंपरा जीवित रखना हमारी मंशा

बैठक के बाद दानदाता परिवार की ओर से कहा गया कि उनकी मंशा किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि ठाकुर जी से जुड़ी वर्षों पुरानी परंपरा को बनाए रखना है।

उन्होंने कहा कि दान किए गए आभूषणों से ठाकुर जी का श्रृंगार हो, यही उनकी आस्था और भावना है। आभूषणों से श्रृंगार होने से दानदाताओं की धार्मिक भावना भी जुड़ी हुई है।

मंदिर समिति ने कहा- आभूषण पूरी तरह सुरक्षित

दूसरी ओर मंदिर समिति ने भी स्पष्ट किया कि सभी आभूषण सुरक्षित हैं। समिति की ओर से कहा गया कि श्रृंगार न कराने के पीछे किसी प्रकार की गलत मंशा नहीं थी, बल्कि Safety और Security को ध्यान में रखा गया था।

समिति ने कहा कि ठाकुर जी का मेला अहरौरा की धार्मिक और सांस्कृतिक Heritage है। इसका उद्देश्य सभी समाज के लोगों को साथ लेकर मंदिर की व्यवस्था को बेहतर, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।

अगले वर्ष से आभूषणों से होगा ठाकुर जी का श्रृंगार

बैठक में आपसी सहमति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि Security व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अगले वर्ष से ठाकुर जी का श्रृंगार दानदाताओं द्वारा दिए गए आभूषणों से कराया जाएगा।

इस निर्णय के बाद दानदाता परिवार और मंदिर समिति के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो गया। बैठक में मौजूद लोगों ने भी आपसी सहमति से मामले के समाधान का स्वागत किया।

तीसरे दिन दानदाता के प्रतिष्ठान पर रुकते हैं ठाकुर जी

अहरौरा के ऐतिहासिक मेले की परंपरा के अनुसार तीसरे दिन ठाकुर जी का रथ दानदाता मुरली मनोहर शाह के प्रतिष्ठान पर पहुंचता है, जहां भगवान विश्राम करते हैं। इस दौरान रातभर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

रात्रि में रथ के आगे प्रस्थान करने से पहले यह दूसरे दानदाता रामनाथ के घर के पास करीब आधे घंटे के लिए रुकता है। यहां पूजा और आरती के बाद रथ स्वर्गीय साहू बैजनाथ प्रसाद के आवास के लिए रवाना होता है।

Aharora Thakur Ji Mela :- बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद

बैठक के दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ अहरौरा नगर के बड़ी संख्या में गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुई बातचीत के बाद मामला शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।

मंदिर के संरक्षक ओपी तुलस्यान ने विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने उम्मीद जताई कि आपसी सहयोग और Transparency के साथ ठाकुर जी के ऐतिहासिक मेले की परंपराएं आगे भी इसी तरह कायम रहेंगी।

ठाकुर जी का ऐतिहासिक मेला अहरौरा की धार्मिक आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता से जुड़ा आयोजन है। विवाद के समाधान के बाद अब श्रद्धालुओं में भी राहत और संतोष का माहौल है। 

मिर्जापुर ब्यूरो चीफ तारा त्रिपाठी सूर्योदय समाचार

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Author: Suryodaya Samachar

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