रेणुकूट (पिपरी), 10 मई 2025 –[ब्यूरो चीफ रामेश्वर सोनी] साइबर अपराध एवं मोबाइल से संबंधित धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से आज थाना पिपरी क्षेत्र के रेणुकूट कस्बे में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक रेणुकूट चौकी परिसर में क्षेत्राधिकारी पिपरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें रेणुकूट मार्केट के मोबाइल दुकान संचालक, रिपेयरिंग करने वाले तकनीशियन और सिम कार्ड विक्रेता उपस्थित हुए।
बैठक के दौरान क्षेत्राधिकारी ने सभी उपस्थित व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना संपूर्ण और वैध केवाईसी (KYC) सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को सिम कार्ड जारी न करें। उन्होंने कहा कि कई बार फर्जी पहचान पत्रों के सहारे सिम प्राप्त कर साइबर अपराध किए जाते हैं, जिससे न केवल आम जनता बल्कि देश की सुरक्षा को भी खतरा होता है।
पुराने मोबाइल की खरीद-बिक्री को लेकर भी दिए निर्देश
सीओ ने कहा कि पुराने मोबाइल फोन खरीदने और बेचने के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए। किसी भी डिवाइस को खरीदने से पहले ग्राहक की पहचान की पुष्टि अवश्य करें। यह देखा गया है कि कई मामलों में चोरी या अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन अनजाने में दुकानदारों द्वारा खरीदे जाते हैं, जिससे उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
मोबाइल रिपेयरिंग में डेटा सुरक्षा का ध्यान आवश्यक
क्षेत्राधिकारी ने मोबाइल रिपेयरिंग करने वालों को विशेष रूप से आगाह किया कि वे किसी भी डिवाइस का लॉक या पासवर्ड तोड़ते समय ग्राहक की संपूर्ण जानकारी जैसे नाम, आईडी, मोबाइल नंबर आदि अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखें। ऐसा न करने पर, ग्राहक की निजी जानकारी का दुरुपयोग होने की स्थिति में दुकान संचालक पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
साइबर क्राइम और अफवाहों से बचाव पर विशेष जोर
बैठक में साइबर अपराध से जुड़ी अनेक घटनाओं पर चर्चा करते हुए क्षेत्राधिकारी ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों व अफवाहों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या कोई व्यक्ति अवैध तरीके से मोबाइल या सिम का उपयोग करता दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
सिविल डिफेंस जागरूकता भी शामिल
इस बैठक के माध्यम से उपस्थित लोगों को सिविल डिफेंस की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। आपदा की स्थिति में आम नागरिकों को कैसे सतर्क रहना है और किस प्रकार पुलिस एवं प्रशासन की मदद करनी है, इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस जागरूकता बैठक का उद्देश्य न केवल मोबाइल विक्रेताओं को कानून का पालन करने के लिए प्रेरित करना था, बल्कि उन्हें साइबर अपराध रोकने में सहयोगी बनाना भी था। स्थानीय व्यापारियों ने इस पहल की सराहना की और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
Author: Suryodaya Samachar
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