Asadh Gupta Navratri :- आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ 15 जुलाई से होगा। यह नौ दिवसीय पर्व 24 जुलाई को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा। इस दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व माना जाता है।
ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान एवं फाउंडेशन, डॉ. रहमान चौक, सहरसा के संस्थापक ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि प्रारंभ होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष में चार नवरात्रि मनाई जाती हैं। इनमें चैत्र और शारदीय (अश्विन) नवरात्रि सर्वसाधारण के लिए प्रसिद्ध हैं, जबकि आषाढ़ और माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है, जिसका विशेष महत्व साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए माना गया है।
उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों तक श्रद्धालुओं को प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा, आरती और मंत्रोच्चार करना चाहिए। इस दौरान दस महाविद्याओं की आराधना का भी विशेष विधान है। तंत्र एवं आध्यात्मिक साधना से जुड़े साधकों के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार गुप्त नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा और दुर्गा सहस्त्रनाम का नियमित पाठ करने से विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई मां भगवती की उपासना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा धन, संतान सुख, शत्रु बाधा से मुक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
Author: Suryodaya Samachar
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