Yogini Ekadashi 2025 :- आषाढ़ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी, जिसे योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है, इस वर्ष 21 जून 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह एकादशी व्रत भगवान विष्णु और देवी तुलसी को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत रखकर तुलसी माता और श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
🔱 योगिनी एकादशी का महत्व:
योगिनी एकादशी को पापनाशिनी एकादशी भी कहा जाता है। पुराणों के अनुसार, इस एकादशी का व्रत करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य प्राप्त होता है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है जो जीवन में रोग, बाधा, धन की कमी या मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं।
🌸 तुलसी माता के मंत्रों का करें जप:
इस दिन तुलसी माता की पूजा विशेष फलदायक मानी जाती है। तुलसी को गंगाजल से स्नान कराकर उनके समक्ष दीप जलाएं और निम्न मंत्रों का श्रद्धा भाव से जप करें:
🌿 तुलसी मंत्र:
ॐ तुलस्यै नमः
ॐ श्री तुलसीदेव्यै नमः
ॐ तुलसी श्रीवृन्दे नमो नमः
👉 108 बार तुलसी मंत्रों का जप करने से घर में सुख-शांति और लक्ष्मी का वास होता है।
🪔 योगिनी एकादशी व्रत विधि (संक्षेप में):
व्रत की पूर्व रात्रि को सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
भगवान विष्णु की पूजा पीले फूल, तुलसी दल और पंचामृत से करें।
दिनभर उपवास रखें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
शाम को तुलसी माता की विशेष पूजा करें।
द्वादशी तिथि को व्रत का पारण करें (22 जून 2025 को सुबह)।
भगवान की कैसे करें पूजा, जाने पूरी विधि…
📿 इस व्रत से लाभ
पुराने पापों से मुक्ति
रोगों और संकटों का नाश
पारिवारिक जीवन में सुख और सौहार्द
भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की कृपा
Author: Suryodaya Samachar
खबर से पहले आप तक







