Varanasi News :- प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी की नियुक्ति और कार्यदायित्व को लेकर नया विवाद सामने आया है। कर्मचारी के पद और विभागीय पहचान को लेकर उठे सवालों के बाद मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, बड़ागांव स्थित बीआरसी में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत बताए जा रहे प्रदीप मौर्या वर्तमान में पिंडरा तहसील से जुड़े कार्यों में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पहचान पत्र में उनका पदनाम कथित रूप से “स्टैनो, एसडीएम कार्यालय पिंडरा” दर्शाया गया है, जिससे भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी का नाम विभिन्न प्रशासनिक कार्यक्रमों और प्रोटोकॉल ड्यूटी में भी शामिल किया गया। वहीं, यह भी दावा किया गया है कि पूर्व में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें संबंधित कार्यालय से कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया जा चुका है।
मामले को लेकर स्थानीय निवासी द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में कर्मचारी की वास्तविक तैनाती, पदनाम और विभागीय जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने की मांग उठाई गई है।
दूसरी ओर, संबंधित कर्मचारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पहचान पत्र में छेड़छाड़ की गई हो सकती है और वह स्वयं स्टैनो के पद पर कार्यरत नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटोकॉल ड्यूटी से जुड़े प्रश्नों का जवाब संबंधित प्रशासनिक अधिकारी बेहतर तरीके से दे सकते हैं।
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। शिकायत के बाद अब सभी की नजर संभावित जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
Author: Suryodaya Samachar
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