Varanasi news :- नगर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा जनता में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से एक विशेष पैदल गश्त अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) डॉ. एस. चन्नप्पा तथा जिलाधिकारी श्री सत्येन्द्र कुमार ने किया।
संयुक्त गश्त की शुरुआत ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र मैदागिन चौराहा से हुई, जो कि वाराणसी के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों में से एक है। अधिकारियों का यह दल कालभैरव चौराहा, विश्वेश्वरगंज मंडी, हरतीरथ, आदमपुर, धनेसरा होते हुए गोलगड्ढा तिराहे तक पहुँचा। इस दौरान उन्होंने रास्ते में आने वाले सभी प्रमुख एवं संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया तथा आम जनमानस से सीधा संवाद भी स्थापित किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. चन्नप्पा एवं जिलाधिकारी ने क्षेत्र में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों, अतिक्रमण एवं ट्रैफिक व्यवस्था की स्थिति का गहन अवलोकन किया। बेतरतीब खड़े वाहनों और सड़कों पर किए गए अतिक्रमण को जनजीवन एवं आपातकालीन सेवाओं के संचालन में बाधक मानते हुए, दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी को सख्त निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे न केवल यातायात सुगम हो सके, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों एवं व्यापारियों से भी संवाद कर उन्हें अतिक्रमण न करने तथा सहयोग करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर चेतगंज क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त श्री गौरव कुमार, संबंधित थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह सुनिश्चित किया कि गश्त के दौरान जिन स्थानों पर भी कमियां या समस्याएं दिखीं, वहां त्वरित प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
इस पहल से न केवल आमजन को यह विश्वास मिला कि पुलिस एवं प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए सतर्क एवं सक्रिय हैं, बल्कि यह भी संदेश गया कि कानून-व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संयुक्त पैदल गश्त जैसे अभियानों का मुख्य उद्देश्य न केवल शहर की सुरक्षा व्यवस्था को परखना है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस और प्रशासन के प्रति विश्वास और संवाद को भी मजबूत करना है। इस तरह की पहलें निश्चित ही वाराणसी जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले शहर को और अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।
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Author: Suryodaya Samachar
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