Varanasi News :- राजातालाब तहसील स्थित उप-जिलाधिकारी (न्यायिक) न्यायालय की कार्यप्रणाली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मृतक के कथित फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर दो लंबित मुकदमों को वापस करा दिया गया। इस पूरे प्रकरण को लेकर अधिवक्ता ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार मुकदमा संख्या 8459/2025 (रामबालक बनाम राजेंद्र) तथा मुकदमा संख्या 8453/2025 (प्रमोद बनाम राजेंद्र) उप-जिलाधिकारी (न्यायिक) की अदालत में विचाराधीन थे। इन मामलों में अधिवक्ता विशाल मौर्या प्रतिवादी पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे थे।
आरोप है कि वादी पक्ष ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा वापस लेने का अनुरोध किया। अधिवक्ता का दावा है कि उस प्रार्थना पत्र पर दिलीप मौर्य के कथित हस्ताक्षर दर्शाए गए, जबकि उनकी मृत्यु पहले ही हो चुकी थी।
मृत्यु के बाद हस्ताक्षर का आरोप
शिकायत के अनुसार दिलीप मौर्य का निधन 13 जून 2025 को हो गया था तथा 20 जून 2025 को उनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी हो चुका था। इसके बावजूद 4 अगस्त 2025 को उनके नाम से कथित हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया और उसी आधार पर मुकदमा वापस लेने का आदेश पारित कर दिया गया।
बिना सत्यापन आदेश पारित करने का आरोप
अधिवक्ता विशाल मौर्या का आरोप है कि न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर मौजूद हस्ताक्षरों और अन्य तथ्यों का समुचित सत्यापन किए बिना आदेश पारित कर दिया। उनका कहना है कि मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
सेशन कोर्ट ने लिया संज्ञान
अधिवक्ता के अनुसार उन्होंने पूरे मामले को लेकर सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका दावा है कि अदालत ने आवेदन स्वीकार कर मामले का संज्ञान लिया है तथा 21 जुलाई 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित की गई है। उनका कहना है कि अगली सुनवाई में प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी आदेश पर भी विचार हो सकता है।
जांच के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के हैं। संबंधित न्यायालय अथवा प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना शेष है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रिपोर्ट: अजय कुमार गुप्ता
Author: Suryodaya Samachar
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