Varanasi News :- वाराणसी में फुटपाथ, ठेला और पटरी पर दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों पर गुंडा और गैंगस्टर एक्ट लगाने की घोषणा के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के व्यापारी सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप जायसवाल ने इस तुगलकी फरमान को न केवल व्यापारी विरोधी बल्कि अव्यवहारिक और असंवेदनशील करार दिया है।
गुंडा एक्ट की धमकी, छोटे व्यापारियों पर कहर
26 जून 2025 को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने घोषणा की थी कि श्रावण और त्योहारों के दौरान अगर दुकानदारों द्वारा दो बार से अधिक अतिक्रमण पाया गया तो उन पर गुंडा और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि यह निर्णय “छोटे दुकानदारों को अपराधी बताने” जैसा है और यह व्यापारियों के सम्मान पर हमला है।
“बनियों की पार्टी” का पर्दाफाश
श्री जायसवाल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “व्यापारियों और बनियों की पार्टी” होने का दावा खोखला साबित हो चुका है। नोटबंदी, लॉकडाउन, जीएसटी जैसे कदमों ने व्यापार पहले ही चौपट कर दिया और अब छोटे दुकानदारों को अपराधी ठहराया जा रहा है।
नाईट मार्केट पर चला बुलडोजर, उजड़ गई रोज़ी-रोटी
सपा नेता ने कैंट-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे बने नाईट मार्केट को नगर निगम द्वारा आधी रात में उजाड़े जाने की घटना को विकास नहीं, बल्कि ‘विनाश’ बताया। उन्होंने बताया कि यह नाईट मार्केट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘स्मार्ट सिटी’ योजना के अंतर्गत तीन साल पहले शुरू हुआ था, जिसकी लागत ₹10 करोड़ थी और 125 दुकानें स्थापित की गई थीं।
इसका संचालन ‘श्रेया इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म को दिया गया था, जिसे 16 वर्षों के लिए अनुबंधित किया गया था और हर साल ₹40 लाख नगर निगम को देने थे। लेकिन कंपनी ने तीन वर्षों में ₹1.20 करोड़ की जगह केवल ₹5 लाख ही जमा किए, जिसके चलते अनुबंध रद्द कर दिया गया।
दुकानदारों की बर्बादी पर कोई जवाबदेही नहीं
श्री जायसवाल ने सवाल उठाए:
1. क्या श्रेया इंटरप्राइजेज को ठेका देने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांची गई थी?
2. स्मार्ट सिटी परियोजना में अफसरों की भूमिका की जांच कौन करेगा?
3. क्या उन दुकानदारों की आर्थिक क्षति की भरपाई की जाएगी जिन्होंने एडवांस देकर दुकानें ली थीं?
व्यापारियों से सहयोग की अपील, प्रशासन से मानवता की मांग
सपा नेता ने फुटपाथ व ठेला दुकानदारों से भी अपील की कि वे अतिक्रमण न करें, लेकिन साथ ही प्रशासन से भी कहा कि “अपराधियों जैसा व्यवहार करना समाधान नहीं है।” छोटे दुकानदारों को चालान जैसी कार्रवाई से नियंत्रित किया जा सकता है, न कि गुंडा एक्ट जैसे कठोर कानून से।
सुप्रीम कोर्ट का भी हवाला
श्री जायसवाल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर फुटकर दुकानदारों को “देश की आर्थिक रीढ़” बताया है और उन्हें उजाड़ने से पहले बसाने की व्यवस्था की सिफारिश की है।
प्रतिनिधिमंडल की घोषणा
उन्होंने यह भी बताया कि समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही नगर आयुक्त और पुलिस आयुक्त से मुलाकात करेगा और पीड़ित दुकानदारों के हितों की रक्षा हेतु मांग रखेगा।
इस प्रेस वार्ता में मुरलीधर जायसवाल (प्रदेश सचिव), काशीनाथ गुप्ता (महानगर अध्यक्ष) एवं सोहन लाल चौरसिया (महानगर महासचिव) समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।
Author: Suryodaya Samachar
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