बड़ी खबर
Saharsa Contractor Shot :- सहरसा में सरकारी ठेकेदार को गोली मारकर किया घायल, अवैध शराब कारोबार की सूचना देने के शक में हमले का आरोप Abhishek Sharma :- लगातार फ्लॉप हो रहे अभिषेक शर्मा पर उठे सवाल, जिम्बाब्वे सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद टीम में जगह पर बहस तेज Pralhad Joshi :- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार Saharsa NEET Protest :- NEET पेपर लीक के विरोध में सहरसा में छात्रों का प्रदर्शन, पथराव और आगजनी के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज Ravneet Singh Bittu :- मोदी कैबिनेट से रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा, पंजाब चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति पर बढ़ी चर्चा Dharmendra Pradhan resigned today :- धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा कहा युवाओं की भावनाओं का सम्मान जरूरी, जानिए 10 बड़े कारण

Home » उत्तर प्रदेश » मिर्जापुर » मिर्ज़ापुर की दर्दनाक घटना :- मां बनी काल, दो मासूमों की हत्या के बाद खुद ने दी जान, गांव में पसरा सन्नाटा सेमरी में घटी भयावह घटना

मिर्ज़ापुर की दर्दनाक घटना :- मां बनी काल, दो मासूमों की हत्या के बाद खुद ने दी जान, गांव में पसरा सन्नाटा सेमरी में घटी भयावह घटना

सूर्योदय समाचार ब्यूरो मिर्जापुर।

मिर्ज़ापुर की दर्दनाक घटना :- मिर्ज़ापुर जिले के कछवा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरी में शनिवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गांव की संगीता नामक महिला ने पहले अपने दोनों मासूम बेटों की निर्मम हत्या कर दी और फिर खुद भी फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए एक गहरा सदमा बन गई।

संगीता की मानसिक स्थिति थी अस्थिर परिवार में मचा कोहराम

गांव वालों के अनुसार संगीता कुछ दिनों से मानसिक रूप से अस्थिर थी। उसके पति हरिशचंद्र ने बताया कि वह तांत्रिक उपायों और मोटिवेशनल भाषणों पर अत्यधिक विश्वास करने लगी थी। अक्सर वह घंटों तक मोबाइल पर ऐसे वीडियो देखती रहती और अजीबो गरीब बातें करती थी। परिवार को लगने लगा था कि उसका मनोबल कमजोर हो गया है और वह किसी भय या भ्रम में जी रही है।

http://suryodayasamachar-in.stackstaging.com/dsssb-vacancy-2025-5346-teacher-recruitment-in-delhi-₹1-42-lakh-salary-last-chance/

हरिशचंद्र ने बताया कि शुक्रवार की रात सब कुछ सामान्य था। वह देर रात तक खेत से लौटा और सभी ने साथ में खाना खाया। सुबह जब वह उठा तो दरवाजे अंदर से बंद मिले। जब काफी आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला तो उसने दरवाजा तोड़ दिया और अंदर का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई।

दो मासूमों की दर्दनाक मौत घर के अंदर मिला भयावह दृश्य

घर के अंदर का दृश्य बेहद दिल दहला देने वाला था। तीन वर्ष आठ माह का शिवांश और चौदह माह का शुभंकर बिस्तर पर मृत पड़े थे। दोनों के मुंह और गले में कपड़ा ठूसा गया था। पास में ही संगीता का शव फंदे से लटकता मिला। पूरा कमरा अस्त व्यस्त था और दीवारों पर देवी देवताओं की तस्वीरें लगी थीं।

Mirzapur News :- मीरजापुर में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई! 22 वाहन जब्त, ₹50 करोड़ की वसूली

पड़ोसियों ने बताया कि संगीता पिछले कुछ दिनों से बहुत चुप रहने लगी थी। वह बच्चों के साथ भी कम बात करती और अक्सर अपने कमरे में पूजा या किसी तांत्रिक मंत्रोच्चार में लिप्त रहती थी।

पुलिस ने शुरू की जांच मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही कछवा थाना प्रभारी अमरजीत चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी सदर अमर बहादुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला मानसिक अस्थिरता से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। महिला के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि महिला के मानसिक हालात के साथ साथ तांत्रिक झुकाव और किसी बाहरी व्यक्ति के दखल की भी जांच की जाएगी। परिवार से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना से पहले कोई विवाद या झगड़ा तो नहीं हुआ था।

गांव में मातम और भय लोग अब भी सदमे में

इस घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। गांव की महिलाओं ने बताया कि संगीता पहले बहुत खुशमिजाज थी लेकिन कुछ महीनों से उसका स्वभाव बदल गया था। वह अक्सर कहती थी कि कोई बुरी शक्ति उसके घर पर हावी है। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी और किसी तरह का बड़ा झगड़ा या परेशानी पहले कभी नहीं सुनी गई।

बच्चों की मौत ने हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों बच्चे बहुत प्यारे और चंचल थे। बड़े बेटे शिवांश को खेलकूद का बहुत शौक था जबकि छोटा शुभंकर अभी चलना ही सीख रहा था।

अंधविश्वास और मानसिक तनाव का खतरनाक मेल

यह घटना एक बार फिर समाज के उस अंधेरे पहलू को उजागर करती है जहां अंधविश्वास और मानसिक तनाव मिलकर विनाशकारी रूप ले लेते हैं। संगीता जैसी महिलाएं जो मानसिक दबाव में रहती हैं वे तांत्रिक या झूठे गुरुओं के चक्कर में फंसकर अपनी सोचने समझने की शक्ति खो देती हैं। परिवार और समाज को ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि ऐसी त्रासद घटनाओं को रोका जा सके।

जागरूकता ही समाधान परिवार और समाज की जिम्मेदारी

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता आज भी ग्रामीण इलाकों में बेहद कम है। लोग इसे बीमारी मानने के बजाय शर्म या कमजोरी समझते हैं। यदि संगीता को समय पर उचित परामर्श और उपचार मिला होता तो शायद आज तीन जिंदगियां बच सकती थीं।

इस घटना से सबक लेने की जरूरत है कि मानसिक अस्थिरता को नजरअंदाज करना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। परिवार को चाहिए कि ऐसे संकेत दिखने पर तुरंत मदद लें और किसी तांत्रिक या झूठे प्रचारक के झांसे में न आएं।

आम जनता से सूर्योदय समाचार की अपील

मिर्ज़ापुर की यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है। जब तक मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता और जागरूकता नहीं बढ़ेगी तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल हैं।

हर जीवन मूल्यवान है और हर समस्या का समाधान बातचीत उपचार और सहानुभूति में छिपा है।

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

खबर से पहले आप तक

Leave a Comment

Live Cricket

ट्रेंडिंग