Telegram :- ऑनलाइन पायरेसी और कॉपीराइट सामग्री के अवैध प्रसार पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने प्लेटफॉर्म पर फिल्मों, वेब सीरीज, ई-बुक्स, सॉफ्टवेयर और अन्य कॉपीराइट सामग्री के कथित अवैध प्रसार से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया है।
सरकार ने मांगा विस्तृत जवाब
सूत्रों के अनुसार, नोटिस में टेलीग्राम से पूछा गया है कि प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट उल्लंघन रोकने के लिए अब तक कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति और तकनीकी व्यवस्था की जानकारी भी मांगी गई है।
अवैध चैनलों और ग्रुप्स पर कार्रवाई का भी मांगा ब्योरा
सरकार ने यह भी जानना चाहा है कि कॉपीराइट सामग्री को अवैध रूप से साझा करने वाले चैनलों और समूहों के खिलाफ अब तक कितनी कार्रवाई की गई है। साथ ही ऐसे कंटेंट की पहचान और उसे हटाने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तृत जानकारी देने को कहा गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बढ़ सकती है जवाबदेही
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दिशा में सख्ती जारी रहती है, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कॉपीराइट नियमों के पालन और अवैध कंटेंट पर निगरानी की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ सकती है। इससे कंटेंट निर्माताओं और कॉपीराइट धारकों के अधिकारों की सुरक्षा को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
15 दिनों में देना होगा जवाब
केंद्र सरकार ने टेलीग्राम से निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद संबंधित जवाब और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सकता है।
Author: Suryodaya Samachar
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