Supermarket Fridge Cyber Attack : साइबर अपराधियों ने फ्रांस में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को निशाना बनाकर बड़ा नुकसान पहुंचाया है। हैकर्स ने इंटरनेट से जुड़े फ्रिज और फ्रीजर का तापमान कथित तौर पर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया। इसके चलते दूध, मांस, फ्रोजन फूड और दूसरे खाद्य पदार्थ खराब हो गए। कुछ स्टोर्स में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं। घटना ने इंटरनेट से जुड़े औद्योगिक उपकरणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Supermarket Fridge Cyber Attack : फ्रांस की बड़ी सुपरमार्केट चेन पर साइबर हमला
रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले से फ्रांस की कई प्रमुख सुपरमार्केट चेन प्रभावित हुई हैं। इनमें Intermarché, Carrefour, Coopérative U और अन्य रिटेल कंपनियों के स्टोर शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, Intermarché ने अपने करीब 150 स्टोर्स में नुकसान की जानकारी दी। अन्य रिपोर्टों में इससे अधिक दुकानों के प्रभावित होने की बात कही गई है। हालांकि, अलग-अलग कंपनियों के आंकड़ों में अंतर है और कुल प्रभावित स्टोर्स की संख्या का आकलन किया जा रहा है।
Supermarket Fridge Cyber Attack : हैकर्स ने फ्रिज का तापमान कैसे बढ़ाया?
बड़े सुपरमार्केट में फ्रिज और फ्रीजर को नियंत्रित करने के लिए डिजिटल कंट्रोलर और नेटवर्क आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। इनकी मदद से कर्मचारी एक ही जगह से कई उपकरणों का तापमान देख और नियंत्रित कर सकते हैं।
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावरों ने रेफ्रिजरेशन सिस्टम के डिफ्रॉस्ट फीचर का गलत इस्तेमाल किया। डिफ्रॉस्ट प्रक्रिया सामान्य तौर पर फ्रिज के अंदर जमी बर्फ को हटाने के लिए होती है। यदि इसे गलत तरीके से या जरूरत से ज्यादा समय तक चलाया जाए, तो कूलिंग प्रभावित हो सकती है।

रिपोर्टों में कुछ उपकरणों का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का उल्लेख है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले सभी स्टोर्स में इस्तेमाल किए गए तरीके को एक जैसा मानना सही नहीं होगा।
Supermarket Fridge Cyber Attack : पुराने फर्मवेयर पर उठे सवाल
इस घटना की शुरुआती जांच में डेनमार्क की कंपनी Danfoss के कुछ रेफ्रिजरेशन कंट्रोल सिस्टम और पुराने फर्मवेयर का जिक्र किया गया है। फर्मवेयर वह सॉफ्टवेयर होता है, जो किसी उपकरण के बुनियादी कामकाज को नियंत्रित करता है।
यदि इंटरनेट से जुड़े कंट्रोलर में सुरक्षा संबंधी कमजोरी हो और उसे समय पर अपडेट न किया जाए, तो साइबर अपराधियों के लिए सिस्टम तक पहुंच बनाने का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, इस हमले में किस कमजोरी का इस्तेमाल हुआ और हमलावरों ने नेटवर्क तक पहुंच कैसे बनाई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Supermarket Fridge Cyber Attack : खराब हुआ खाद्य सामान, दुकानदारों को नुकसान
फ्रिज और फ्रीजर का तापमान बढ़ने से दूध, मांस, मछली, डेयरी उत्पाद और फ्रोजन फूड जैसे जल्दी खराब होने वाले सामान की सुरक्षा प्रभावित हुई। खाद्य सुरक्षा के नियमों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित स्टोर्स को कई उत्पाद बिक्री से हटाने पड़े।
कुछ स्थानों पर आग लगने की घटनाओं की भी खबर आई है। हालांकि, हर प्रभावित दुकान में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। कंपनियों को खराब सामान के अलावा उपकरणों की जांच, मरम्मत और स्टोर संचालन बहाल करने पर भी खर्च करना पड़ रहा है।
Supermarket Fridge Cyber Attack : फ्रांस की साइबर एजेंसी कर रही जांच
फ्रांस में इस मामले की जांच राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ANSSI और संबंधित जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य हमले का तरीका, प्रभावित उपकरणों और संभावित जिम्मेदार लोगों का पता लगाना है।
कुछ रिपोर्टों में स्पेन, पुर्तगाल, पोलैंड, जर्मनी और बेल्जियम में भी संभावित प्रभाव की बात कही गई है। इन देशों में प्रभाव की सीमा और फ्रांस की घटना से उसके सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
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Supermarket Fridge Cyber Attack : क्या घर का स्मार्ट फ्रिज भी हैक हो सकता है?
इंटरनेट से जुड़े स्मार्ट उपकरणों में साइबर जोखिम हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्मार्ट फ्रिज आसानी से हैक किया जा सकता है। सुरक्षा उपकरण के मॉडल, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क और इस्तेमाल की गई सेटिंग्स पर निर्भर करती है।
सुरक्षा के लिए यूजर्स और कारोबारियों को ये सावधानियां अपनानी चाहिए:
- उपकरणों का फर्मवेयर और सॉफ्टवेयर समय पर अपडेट करें।
- डिफॉल्ट पासवर्ड बदलकर मजबूत पासवर्ड रखें।
- रिमोट एक्सेस केवल जरूरत होने पर चालू रखें।
- स्मार्ट उपकरणों को संवेदनशील कारोबारी नेटवर्क से अलग रखें।
- संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराएं।
निष्कर्ष
फ्रांस के सुपरमार्केट में हुआ यह साइबर हमला दिखाता है कि डिजिटल सुरक्षा की कमी से वास्तविक दुनिया में भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इंटरनेट से जुड़े रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर हमला खाद्य सुरक्षा, कारोबार और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा मामला बन गया है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों और नुकसान की वास्तविक सीमा स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Suryodaya Samachar
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