Sunita Williams :- नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा है कि उन्हें चांद पर जाने की इच्छा थी, लेकिन अब वह यह अवसर नई पीढ़ी को सौंपना चाहती हैं। भारत दौरे पर आईं सुनीता विलियम्स ने एक खास बातचीत में युवाओं से अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर बनाने, ज्यादा खोज करने और इस सेक्टर में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
60 वर्षीय सुनीता विलियम्स ने 27 दिसंबर 2025 को नासा से औपचारिक रूप से रिटायरमेंट ले लिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भारत और अमेरिका अंतरिक्ष क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।
सुनीता विलियम्स ने कहा,
“मुझे चांद पर जाना बहुत अच्छा लगता, लेकिन यह मौका अब नई पीढ़ी को मिलना चाहिए। अंतरिक्ष में युवाओं के लिए अनगिनत अवसर हैं। उन्हें आगे बढ़कर इसे एक्सप्लोर करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा भागीदारी करनी चाहिए।”
T20 World Cup 2026: बांग्लादेश के बाहर होते ही पाकिस्तान में हलचल, क्या बदलेगा विश्व कप का शेड्यूल?
भारत लौटकर भावुक हुईं सुनीता
भारत लौटने पर अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे अंतरिक्ष मिशन के बाद पृथ्वी पर लौटना एक अलग अनुभव होता है।
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से लौटने के बाद शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को ढालने में समय लगा। परिवार का सहयोग इस दौरान उनके लिए बहुत अहम रहा। भारत आकर वह बेहद खुश हैं और छुट्टियां बिताने की भी योजना बनाई थी।
27 साल का शानदार अंतरिक्ष करियर
सुनीता विलियम्स का करियर नासा में बेहद शानदार रहा है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन मिशन पूरे किए
कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए, जो किसी भी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा दूसरा सबसे लंबा समय है
9 स्पेसवॉक किए, जिनकी कुल अवधि 62 घंटे से ज्यादा रही
वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली महिला भी बनीं
नासा ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान की “ट्रेलब्लेज़र” बताया है।
भारतीय जड़ों से जुड़ी हैं सुनीता
सुनीता विलियम्स का जन्म अमेरिका में हुआ, लेकिन उनके पिता गुजरात के मेहसाणा जिले से हैं। वह अपनी भारतीय संस्कृति से हमेशा जुड़ी रहीं और अंतरिक्ष में भी अपने साथ भारतीय भोजन ले गई थीं।
T20 World Cup 2026: बांग्लादेश के बाहर होते ही पाकिस्तान में हलचल, क्या बदलेगा विश्व कप का शेड्यूल?
Author: Suryodaya Samachar
खबर से पहले आप तक







