PM Modi video call with astronaut :- भारत के पहले स्पेस स्टेशन यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने शनिवार को अंतरिक्ष से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीधा संवाद किया। यह 17 मिनट की ऐतिहासिक बातचीत न केवल भारत की अंतरिक्ष यात्रा की नई दिशा को दर्शाती है, बल्कि उस सपने को भी साकार होते दिखाती है, जिसमें भारतीयों को अब ब्रह्मांड में अपनी सक्रिय उपस्थिति का गौरव प्राप्त है।
🇮🇳 तिरंगा लहराना बना गौरव का क्षण
शुभांशु शुक्ला ने बताया कि जैसे ही वे स्पेस स्टेशन में पहुंचे, पहला कार्य था भारत का तिरंगा झंडा लगाना। उन्होंने कहा, “यह पल मेरे लिए बेहद भावुक और गर्व से भरा था। यह भारत की उस गति का प्रतीक है, जो हमें अंतरिक्ष तक ले आई है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और कहा कि यह भारत के युवाओं की आकांक्षाओं और वैज्ञानिक क्षमताओं का प्रमाण है।
🚀 400 किलोमीटर की यात्रा मेरी नहीं, देश की है”
संवाद के दौरान जब पीएम मोदी ने उनकी कुशलता पूछी, तो शुभांशु ने भावुक होते हुए कहा,
“यह छोटी-सी 400 किलोमीटर की यात्रा सिर्फ मेरी नहीं, पूरे भारत की है। एक छोटे से कस्बे से निकलकर आज अंतरिक्ष में पहुंचना मेरे लिए असंभव सा सपना था, लेकिन आज का भारत ऐसे सपनों को पूरा कर रहा है।”
🥕 “गाजर का हलवा साथ ले गया हूं, साथियों को खिलाया!
प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए पूछा, “आप अपने साथ जो गाजर का हलवा ले गए हैं, वो साथियों को खिलाया?” इस पर शुभांशु ने हँसते हुए जवाब दिया कि यह मिठास भी उन्होंने साझा की है—
☀️ 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त, पर सोना सबसे बड़ी चुनौती
शुभांशु ने बताया कि वे दिन में 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त देख रहे हैं, जो अपने आप में एक अद्भुत अनुभव है। हालांकि उन्होंने एक बड़ी कठिनाई का ज़िक्र भी किया — सोने की समस्या।
उन्होंने कहा, “यहां ग्रेविटी नहीं है, इसलिए सोना बहुत कठिन है। आप ज़मीन, दीवार या छत — कहीं भी सो सकते हैं। मैं इस समय भी अपने पैरों को बांध कर आपसे बात कर रहा हूं, वरना ऊपर तैरने लगूंगा।”
🌍 “पृथ्वी को देखकर लगता है, कोई सीमा नहीं”
शुभांशु ने बताया कि जब उन्होंने पृथ्वी को पहली बार अंतरिक्ष से देखा, तो कोई सीमा रेखा नजर नहीं आई। उन्होंने कहा,
“भारत को जब हम अंतरिक्ष से देखते हैं, तो वह बहुत विशाल और भव्य दिखता है — जितना हम मैप पर देखते हैं, उससे कहीं अधिक।”
📣 युवा पीढ़ी के लिए संदेश
प्रधानमंत्री के आग्रह पर शुभांशु ने देश की युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा:
“आज का भारत बड़े और साहसिक सपने देख रहा है। उन्हें पूरा करने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है – एकता, वैज्ञानिक सोच और आगे बढ़ने का जज्बा।”
🇮🇳 पीएम मोदी बोले – भारत अब उड़ान नहीं, नई उड़ानों का मंच तैयार करेगा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर भारत के अंतरिक्षीय संकल्प दोहराए:
गगनयान मिशन को सफल बनाना,
भारत का स्वयं का स्पेस स्टेशन स्थापित करना,
और भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष यात्री की चंद्रमा पर लैंडिंग सुनिश्चित करना।
उन्होंने कहा, “भारत अब केवल उड़ान नहीं भरेगा, बल्कि नई उड़ानों का मंच भी तैयार करेगा। शुभांशु शुक्ला जैसे जांबाज युवा हमारे प्रेरणास्त्रोत हैं।”
Shubhanshu Shukla: भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री जिसने रचा इतिहास , Gaganyaan Hero’s Journey
📍इस ऐतिहासिक संवाद ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नई चेतना का संचार किया है। शुभांशु शुक्ला न केवल भारत के लिए अंतरिक्ष में गए हैं, बल्कि हर उस युवा के लिए उम्मीद की किरण हैं, जो बड़े सपने देखता है।
Author: Suryodaya Samachar
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