जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की गोलाबारी : जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक हरकत सामने आई है। सीमा पार से की गई भारी गोलाबारी के चलते सीमावर्ती कस्बे के एक घर को गंभीर नुकसान पहुंचा है। यह घटना बीती रात की है जब स्थानीय लोग गहरी नींद में थे और अचानक गोलियों व मोर्टार के धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा। गोलाबारी इतनी भीषण थी कि गांव के कई हिस्सों में दहशत फैल गई और लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
घटना का विवरण
घटना जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्र आर.एस. पुरा सेक्टर के एक गांव की है, जहां रात करीब 11 बजे पाकिस्तान की ओर से अचानक गोलाबारी शुरू हो गई। इस दौरान मोर्टार के कई गोले रिहायशी इलाकों में गिरे। एक गोला गांव के एक मकान पर गिरा जिससे घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घर में उस समय एक परिवार मौजूद था जो बाल-बाल बच गया, लेकिन उन्हें मामूली चोटें आई हैं।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, “गोलाबारी की शुरुआत पाकिस्तान की तरफ से हुई और इसका कोई उकसावा नहीं था। हमारे सुरक्षा बलों ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है।”
लोगों में डर और बेचैनी
घटना के बाद गांव के लोग बेहद डरे हुए हैं। कई परिवारों ने रातभर खेतों और बंकरों में शरण ली। बच्चों और बुजुर्गों में मानसिक तनाव की स्थिति है। गांव की एक महिला ने बताया, “हमारे बच्चे कांप रहे थे। ऐसा लगा जैसे युद्ध शुरू हो गया हो। हमें नहीं पता था कि जिंदा बचेंगे या नहीं।”
प्रशासन की तत्परता और राहत कार्य
गोलाबारी के तुरंत बाद जिला प्रशासन और सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे। क्षतिग्रस्त मकान के मलबे से परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा दी गई। साथ ही, प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर की व्यवस्था की गई है। स्थानीय प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है।
सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी
घटना के बाद सीमा पर सेना की निगरानी और अधिक कड़ी कर दी गई है। बीएसएफ और सेना की संयुक्त टीमों ने पूरी सीमा पर गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी नई हरकत का तुरंत जवाब दिया जा सके। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पाकिस्तान की ओर से बार-बार हो रही इस तरह की गोलाबारी न केवल सीमा की शांति को भंग करती है, बल्कि आम नागरिकों की जान को भी खतरे में डालती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक लगातार तनाव में जी रहे हैं, और अब समय आ गया है जब उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
Author: Suryodaya Samachar
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