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मिर्जापुर में दर्दनाक हादसा: बेकाबू जेसीबी ने दो साल की मासूम को रौंदा, मौके पर ही मौत

मिर्जापुर में दर्दनाक हादसा: मिर्जापुर जनपद से एक हृदय विदारक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। विंध्याचल थाना क्षेत्र के नंदजा मंदिर के पास एक बेकाबू जेसीबी मशीन की चपेट में आने से दो साल की मासूम बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, वहीं परिवार में कोहराम का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मासूम बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी निर्माण कार्य में लगी एक जेसीबी अचानक अनियंत्रित होकर तेज़ी से उसके ऊपर चढ़ गई। घटना इतनी अचानक और तेज थी कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। बच्ची को गंभीर रूप से घायल अवस्था में परिजन तत्काल जिला मंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद चालक जेसीबी वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। विंध्याचल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने जेसीबी को जब्त कर लिया है तथा शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मासूम की पहचान दो वर्षीय आराध्या (परिवर्तित नाम) के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं मां की चीखें सुनकर हर आंख नम हो गई।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जेसीबी मशीन को चलाने वाला चालक पूरी तरह लापरवाह था। वह न तो पर्याप्त सतर्कता बरत रहा था और न ही उस भीड़भाड़ वाले इलाके में वाहन चलाने के लिए किसी प्रकार की सावधानी अपनाई जा रही थी। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी चालक को शीघ्र गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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वहीं, पुलिस ने आश्वासन दिया है कि चालक की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाना प्रभारी ने बताया कि इस संबंध में लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

यह हादसा एक बार फिर से प्रशासन और निर्माण एजेंसियों पर सवाल खड़े करता है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन को लेकर कोई सख्त दिशा-निर्देश नहीं होने के चलते ऐसे हादसे आम होते जा रहे हैं।

मिर्जापुर की इस घटना ने यह दिखा दिया है कि लापरवाही की एक छोटी सी चूक भी किसी परिवार की दुनिया उजाड़ सकती है। प्रशासन को अब गंभीरता से इस मुद्दे पर विचार करते हुए सख्त नियमों की आवश्यकता है, जिससे मासूम जिंदगियों की रक्षा की जा सके।

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Author: Suryodaya Samachar

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