Muhammad Yunus To Meet Hindu students :- बांग्लादेश में शेख हसीना के पीएम पद छोड़ने के बाद हिंसा हुई और इस दौरान बड़े पैमाने पर हिंदू समुदाय के लोगों और मंदिरों पर हमले की घटनाओं की खबरें आईं। पहले तो बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इस मामले में चुप्पी साधे रखी, लेकिन अब जबकि हिंदू समुदाय के लोगों और छात्रों ने अपने खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया है, तो अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस की नींद टूटी है। नतीजे में मुहम्मद यूनुस ने हिंदू समुदाय के आंदोलनकारी छात्रों से सोमवार को फैसला किया है।शेख हसीना के बांग्लादेश से भारत चले जाने के बाद मुहम्मद यूनुस को कार्यकारी सरकार की कमान सौंपी गई है।
शेख हसीना के भारत चले जाने के बाद बांग्लादेश के तमाम जिलों में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा हुई। खबर है कि अब तक बांग्लादेश में हिंसा करने वालों ने 50 हिंदुओं की हत्या कर दी। तमाम मंदिरों में भी तोड़फोड़ की घटनाओं के आरोप हिंसा करने वालों पर लगे। अपने खिलाफ लगातार होती हिंसा के बाद बांग्लादेश का हिंदू समुदाय एकजुट हो गया और राजधानी ढाका समेत देश के तमाम शहरों में जमकर विरोध प्रदर्शन किए। हिंसा के खिलाफ हिंदू समुदाय के इन विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोग इकट्ठा हुए। हिंदू समुदाय के लोगों और छात्रों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से कई मांगें की हैं। इनमें हिंदुओं के लिए अलग सरकारी बोर्ड बनाने, उनको सुरक्षा देने और सरकारी नौकरियों में ज्यादा प्रतिनिधित्व की मांग भी शामिल है। हिंदू समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने साफ कह दिया है कि जब मांग पूरी होगी, तभी वे वापस जाएंगे।
बांग्लादेश की आबादी में अब सिर्फ 8 फीसदी हिंदू बचे हैं। जब पाकिस्तान टूटकर बांग्लादेश बना था, उस वक्त वहां की आबादी में 23 फीसदी हिंदू थे। बांग्लादेश में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तरह लगातार हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जाता रहा। नतीजे में बांग्लादेश में अब हिंदू समुदाय की संख्या लगातार कम होती जा रही है। बांग्लादेश से लाखों हिंदू भागकर भारत भी आए। हालांकि, अब प्रदर्शन कर रहे हिंदू समुदाय के लोगों का कहना है कि वे बांग्लादेश छोड़कर कतई नहीं जाएंगे।
Author: Suryodaya Samachar
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