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Mission Shakti phase-5 : महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करने का अभियान

Mission Shakti phase-5 :- [रिपोर्टर अजय कुमार गुप्ता] उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने और उनकी सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे इस अभियान ने वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चरण पार किया। 24 अक्टूबर 2024 को भवानीपुर क्षेत्र में जन चौपाल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा और उनकी सुरक्षा से जुड़े टोल-फ्री नंबरों और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी प्रदान करना था।



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस मिशन की शुरुआत कई वर्षों पहले की गई थी, और अब इसका पाँचवाँ चरण चल रहा है। मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण, और अपराधियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस विशेष चरण में मिशन डिस्ट्रॉय एंटी रोमियो एस्कॉर्ट जैसे अभियानों को भी जोड़ा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकना और अपराधियों को पकड़ना है।

हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी

इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को कई महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी दी गई। इनमें 1090 महिला हेल्पलाइन, 112 पुलिस हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस सेवा, 101 अग्निशमन हेल्पलाइन, और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन शामिल हैं। इन नंबरों की मदद से किसी भी आपातकालीन स्थिति में महिलाएँ और बालिकाएँ तुरंत मदद प्राप्त कर सकती हैं।

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कार्यक्रम का संचालन उपनिरीक्षक करिश्मा तिवारी, उपनिरीक्षक मानसी यादव, उपनिरीक्षक अंकुर कुमार, महिला हेड कांस्टेबल कुसुम सिंह, महिला कांस्टेबल चंद्रकला, और कांस्टेबल शिवबरन गौतम ने किया। इन अधिकारियों ने महिलाओं को मिशन शक्ति और एंटी रोमियो अभियान के तहत निर्गत आदेशों, निर्देशों, और कार्ययोजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा की और उन्हें इन निर्देशों के अनुपालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से साइबर अपराधों पर लगाम 

उपनिरीक्षक करिश्मा तिवारी ने विशेष रूप से बताया कि मिशन शक्ति के तहत विभिन्न टोल-फ्री नंबरों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से कैसे साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर महिलाओं को साइबर अपराधियों से सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को इस बात की जानकारी दी गई कि अगर वे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, या साइबर अपराध का सामना करती हैं, तो वे इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग से संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा, अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसी भी घटना की रिपोर्ट करने के बाद महिला पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत कार्रवाई करेगी और अपराधी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक

इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी था कि महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। उपनिरीक्षक करिश्मा तिवारी ने महिलाओं को यह भी समझाया कि वे अपनी सुरक्षा के लिए खुद को किस प्रकार तैयार कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को आत्मरक्षा के कुछ बुनियादी तरीकों के बारे में बताया और यह भी सलाह दी कि वे हमेशा सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

इसके अलावा, अधिकारियों ने यह भी बताया कि मिशन शक्ति फेज-5 के तहत गाँवों, स्कूलों, और धार्मिक स्थलों पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया जा रहा है, बल्कि उन्हें यह भी सिखाया जा रहा है कि कैसे वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं और किसी भी आपात स्थिति में क्या कदम उठाने चाहिए।

महिलाओं की सुरक्षा के प्रति उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण कदम है। मिशन शक्ति फेज-5 के तहत चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान से महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है और वे अब अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो रही हैं।

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अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह के अभियान आगे भी चलते रहेंगे ताकि अधिक से अधिक महिलाएँ और बालिकाएँ जागरूक हो सकें और अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। इसके साथ ही, एंटी रोमियो अभियान के तहत उन लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी जो महिलाओं को किसी भी तरह से परेशान करने का प्रयास करते हैं। इस तरह के अपराधियों को पकड़ने और उन्हें सजा दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।

मिशन शक्ति फेज-5 का यह अभियान केवल जागरूकता फैलाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। इसके माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया जा रहा है कि वे निडर होकर अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो सकती हैं और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का विरोध कर सकती हैं।

यह अभियान महिलाओं और समाज के लिए एक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुका है, और इसके तहत हो रहे जागरूकता कार्यक्रम निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

 

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Author: Suryodaya Samachar

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