मध्य प्रदेश न्यूज :- मध्य प्रदेश के मंदसौर ज़िले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां मनोहर लाल धाकड़ नामक एक शख्स का महिला के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आपत्तिजनक स्थिति में वायरल वीडियो ने राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी हलकों में तीव्र प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। यह वीडियो 13 मई 2025 की रात को सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बवाल मच गया।
कौन हैं मनोहर लाल धाकड़?
मनोहर लाल धाकड़ मंदसौर ज़िले के बनी गांव के निवासी हैं। वे धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री थे — एक प्रभावशाली सामाजिक संगठन में उनका ऊंचा पद था। उनकी पत्नी, सोहन बाई, मंदसौर जिला पंचायत की वार्ड संख्या 8 से निर्वाचित सदस्य हैं और उन्हें भाजपा समर्थित उम्मीदवार माना जाता है।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि मनोहर धाकड़ पार्टी के किसी पद पर नहीं हैं। मंदसौर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने स्पष्ट किया, “मनोहर धाकड़ हमारे सक्रिय सदस्य नहीं हैं, हो सकता है उन्होंने ऑनलाइन प्राथमिक सदस्यता ली हो।” बावजूद इसके, वायरल वीडियो के चलते वे कई मीडिया रिपोर्टों में “भाजपा नेता” कहे जा रहे हैं, जिससे पार्टी को छवि संकट का सामना करना पड़ रहा है।

क्या है वायरल वीडियो में?
सीसीटीवी फुटेज में मनोहर धाकड़ एक सफेद बालेनो कार (MP-14-CC-4782) में महिला के साथ मौजूद दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दोनों को एक्सप्रेसवे पर कार से उतरकर आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त देखा गया। यह घटना भानपुरा थाना क्षेत्र में स्थित हाईवे पर हुई, जहां हाई-सिक्योरिटी कैमरे लगातार निगरानी करते हैं।
परिवहन विभाग की जांच में सामने आया कि यह गाड़ी धाकड़ के नाम पर ही पंजीकृत है।
वीडियो की अश्लील प्रकृति के चलते अधिकांश न्यूज प्लेटफॉर्म्स ने इसे साझा नहीं किया है। लेकिन सोशल मीडिया पर इसके वायरल होते ही भारी आक्रोश पैदा हो गया। फिलहाल मनोहर धाकड़ फरार हैं और उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है।
कानूनी कार्रवाई शुरू
भानपुरा पुलिस ने वायरल वीडियो और गवाहियों के आधार पर मनोहर धाकड़ और महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है:
धारा 296: सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कृत्य
धारा 285: सार्वजनिक मार्ग में बाधा पहुंचाना
धारा 3(5): सामान्य उद्देश्यों से अपराध
रतलाम रेंज के डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने घटना को “गंभीर और सार्वजनिक मर्यादाओं के प्रतिकूल” बताते हुए कहा कि,
“यह घटना हाईवे पर नवनिर्मित संरचनात्मक प्रतिष्ठा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड मिलेगा।”
धाकड़ महासभा ने भी हटाया
इस शर्मनाक प्रकरण के बाद, धाकड़ महासभा ने मनोहर लाल धाकड़ को तत्काल प्रभाव से अपने पद से हटा दिया है। संगठन ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन की साख पर कोई समझौता नहीं होगा।
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत कृत्य नहीं, बल्कि सार्वजनिक नैतिकता, सुरक्षा, और राजनीतिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है। अब जब जांच शुरू हो चुकी है और आरोपी फरार है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कानून कितना सख्ती से अपना काम करता है, और क्या राजनीतिक दल अपने कथित सदस्यों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाते हैं।
Author: Suryodaya Samachar
खबर से पहले आप तक







