Lucknow news :- टीईटी पास शिक्षामित्रों का अनवरत शांतिपूर्ण धरना आज लगातार छठे दिन भी राजधानी लखनऊ में जारी है। शिक्षा मित्र/शिक्षक उत्थान समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन ने अब भावनात्मक और जन-संवेदनशील मोड़ ले लिया है। शिक्षामित्र अपनी बहुप्रतीक्षित मांगों को लेकर पूरी प्रतिबद्धता और अनुशासन के साथ गांधीवादी तरीके से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचा रहे हैं।
आज के धरना प्रदर्शन में शिक्षामित्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। शांतिपूर्ण तरीके से की गई यह श्रृंखला न सिर्फ उनके संगठन की एकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि शिक्षा मित्र अब सिर्फ मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपनी पीड़ा को लोकतांत्रिक रूप से अभिव्यक्त कर रहे हैं।
रोटी हाथ में लेकर प्रदर्शन की तैयारी
शिक्षामित्रों ने घोषणा की है कि कल, 2 जून 2025 को, वे “दो जून की रोटी” के प्रतीक के रूप में अपने हाथों में सूखी रोटी लेकर प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम उन विषम परिस्थितियों को उजागर करेगा जिसमें एक शिक्षामित्र अपने परिवार का पेट पालने को विवश है। यह प्रदर्शन न सिर्फ प्रशासन बल्कि समाज को भी यह सोचने को मजबूर करेगा कि आज शिक्षा की नींव रखने वाले शिक्षक खुद असुरक्षित और उपेक्षित क्यों हैं।
नेतृत्व की मौजूदगी और ज़िलों की भागीदारी
आज के प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह, प्रदेश महामंत्री अनुज त्रिपाठी, प्रदेश संगठन मंत्री विकास शर्मा जैसे वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। इसके साथ ही अमेठी, चन्दौली, गोरखपुर, शाहजहाँपुर, जालौन, उन्नाव, वाराणसी, बलरामपुर और सहारनपुर सहित प्रदेश के कई ज़िलों से आए सैकड़ों शिक्षामित्रों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
प्रदर्शनकारियों ने दोहराया कि वे तब तक शांतिपूर्वक आंदोलन करते रहेंगे जब तक सरकार उनकी स्थायी समायोजन, नियमितीकरण और आर्थिक सुरक्षा से संबंधित मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती। उन्होंने यह भी अपील की कि राज्य सरकार उनकी सेवा, समर्पण और वर्षों के संघर्ष को समझते हुए उन्हें उनका सम्मानजनक हक दे।
आंदोलन में अनुशासन और संयम की मिसाल
धरनास्थल पर मौजूद शिक्षामित्र पूरी तरह अनुशासित, शांतिपूर्ण और संगठित नजर आए। न कोई नारेबाज़ी, न कोई उग्र प्रदर्शन — बस संविधान और लोकतंत्र के दायरे में रहकर अपनी बात को प्रभावी तरीके से रखना, यही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताक़त बन रही है।
टीईटी पास शिक्षामित्रों का यह संघर्ष अब सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं है, यह उनके अस्तित्व, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन गया है। कल का “रोटी प्रदर्शन” सरकार को यह दिखाएगा कि अगर समय रहते निर्णय नहीं हुआ, तो यह आंदोलन एक बड़ा जनांदोलन बन सकता है।
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Author: Suryodaya Samachar
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