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Operation sindoor :- आतंक के विरुद्ध भारत की निर्णायक कार्रवाई :- राजेश कु सुन्दरका

सीतामढ़ी से वीरेंद्र सिंह की स्पेशल रिपोर्ट

ऑपरेशन सिंदूर

Operation sindoor :- भारत ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि वह अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। “ऑपरेशन सिन्दूर” के अंतर्गत भारतीय सेना ने पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ सफल सैन्य कार्रवाई करते हुए 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। यह कार्रवाई उन निर्दोष भारतीयों और शहीद जवानों के प्रति श्रद्धांजलि है, जिन्होंने पहलगाम जैसे आतंकी हमलों में अपने प्राण गंवाए।

सीतामढ़ी में खुशी की लहर

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माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी के नागरिकों ने इस कार्रवाई का स्वागत पूरे हर्षोल्लास के साथ किया है। यहां के लोगों का कहना है कि भारतीय सेना ने जिस साहस और रणनीति से यह कार्य किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। जिले के प्रमुख सामाजिक नेता राजेश कुमार सुन्दरका ने भारत सरकार और सेना की मुक्त कंठ से सराहना की है। उनका मानना है कि यह कदम भारत के आत्मसम्मान और सुरक्षात्मक नीति की दिशा में एक बड़ा निर्णय है।

शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि

ऑपरेशन सिन्दूर न केवल दुश्मनों को करारा जवाब है, बल्कि यह उन शहीदों के परिजनों के लिए भी संतोष का क्षण है जो अब तक न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे। आतंकवाद के विरुद्ध यह निर्णायक कदम भारत की नीति में एक परिवर्तन का प्रतीक है—अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पहल की नीति अपनाई जा रही है।

व्यापारिक जगत का समर्थन

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कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और केन्द्रीय रेलवे रेलयात्री संघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका ने इस ऑपरेशन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत को चाहिए कि वह आतंकवाद के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयाँ तब तक जारी रखे, जब तक इसका जड़ से उन्मूलन न हो जाए। व्यापारिक वर्ग भी सेना के साथ खड़ा है और देश की सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है।

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देश की एकजुटता का प्रतीक

ऑपरेशन सिन्दूर ने देशवासियों को एकजुट कर दिया है। सोशल मीडिया से लेकर ग्रामीण चौपालों तक, हर जगह एक ही चर्चा है—भारतीय सेना की वीरता और सरकार का दृढ़ निश्चय। इस प्रकार की कार्रवाइयाँ आतंकियों और उनके संरक्षकों को स्पष्ट संदेश देती हैं कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा।

निष्कर्ष

भारत का यह साहसिक कदम केवल सैन्य दृष्टि से नहीं, बल्कि कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक रूप से भी एक बड़ी जीत है। यह ऑपरेशन आने वाले समय में भारत की रणनीतिक नीतियों की दिशा निर्धारित करेगा। सम्पूर्ण राष्ट्र को अपनी सेना पर गर्व है और जनता एक स्वर में कह रही है—जय हिन्द, वंदे मातरम्!

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

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