IND VS PAK :- प्रसिद्ध रेटिंग एजेंसी मूडीज (Moody’s) ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। सोमवार को जारी रिपोर्ट में मूडीज ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता है, या फिर यह स्थिति युद्ध में तब्दील होती है, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर सबसे ज़्यादा और विनाशकारी असर पड़ेगा।
मूडीज ने चेताया है कि पाकिस्तान के पास आर्थिक संसाधनों की इतनी कमी है कि वह युद्ध जैसे हालातों को कुछ हफ्तों से ज़्यादा नहीं झेल सकता।
भारत से दुश्मनी की कीमत चुकाएगा पाकिस्तान:
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था जहां मजबूत, आत्मनिर्भर और स्थिर है, वहीं पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही गंभीर संकट से गुजर रही है।
महंगाई आसमान छू रही है, विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खाली है और IMF जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के भरोसे ही सरकार चल रही है। ऐसे में यदि पाकिस्तान भारत से दुश्मनी मोल लेता है, तो यह उसके लिए आत्मघाती कदम साबित हो सकता है।
हर मोर्चे पर पिछड़ रहा पाकिस्तान:
जहां भारत वैश्विक मंचों पर आर्थिक प्रगति और स्थिरता के लिए तारीफ पा रहा है, वहीं पाकिस्तान को हर तरफ से झटके लग रहे हैं। राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार, आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी और विदेशी निवेशकों का पलायन – ये सब पाकिस्तान को आर्थिक रूप से खोखला बना रहे हैं।
भारत को होगा सीमित असर:
मूडीज की रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर तनाव या सीमित संघर्ष होता है, तो भारत की अर्थव्यवस्था पर भी असर होगा, लेकिन यह प्रभाव सीमित और अल्पकालिक होगा। भारत की रक्षा प्रणाली और आर्थिक बुनियाद इतनी मजबूत है कि वह किसी भी बाहरी दबाव को संभाल सकता है।
पाई-पाई का मोहताज हो सकता है पाकिस्तान:
रिपोर्ट के मुताबिक, यदि युद्ध जैसी कोई स्थिति उत्पन्न होती है, तो पाकिस्तान को अपनी रक्षा तैयारियों के लिए कर्ज लेना पड़ेगा, विदेशी सहायता पर निर्भर रहना पड़ेगा, और उसकी बची-खुची अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है।
“पाकिस्तान पाई-पाई को तरसेगा”, यह मूडीज की रिपोर्ट में कही गई सबसे कड़ी टिप्पणी थी, जो देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति को दर्शाने के लिए पर्याप्त है।
निष्कर्ष:
भारत से दुश्मनी पाकिस्तान के लिए एक ऐसा बोझ है, जिसे उठाने की उसमें क्षमता नहीं है। मूडीज की रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगर पाकिस्तान ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया, तो वह आर्थिक रूप से दिवालिया होने की कगार पर पहुंच जाएगा।
आज के समय में युद्ध नहीं, शांति और विकास की राजनीति जरूरी है – और यह पाकिस्तान को जितनी जल्दी समझ में आए, उतना बेहतर होगा।
Author: Suryodaya Samachar
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