पटना: – सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की महत्वाकांक्षी ई-ऑफिस परियोजना में संविदा पर कार्यरत कर्मी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वजह यह है कि इन कर्मियों को पिछले 11 महीनों (जुलाई 2024 से मई 2025 तक) का वेतन नहीं मिला है।
इस संबंध में संविदा कर्मियों ने विभागीय सचिव को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें वेतन भुगतान में हो रही भारी देरी पर चिंता जताई गई है। उन्होंने अपील की है कि इस विषय पर संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण से विचार किया जाए और लंबित वेतन का अविलंब भुगतान किया जाए।
परिवार चलाने में हो रही कठिनाई
ज्ञापन में कर्मियों ने बताया कि इतने लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण:
बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है,
स्वास्थ्य खर्च उठाना मुश्किल हो गया है,
कई कर्मी कर्ज में डूब चुके हैं।
कर्मियों का कहना है कि वे ई-ऑफिस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें अपने वित्तीय अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
ई-ऑफिस परियोजना क्या है?
ई-ऑफिस सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली को कागज रहित और पारदर्शी बनाना है। इस परियोजना के अंतर्गत कार्यालयों में फाइलों का डिजिटलीकरण, नोटिंग, ट्रैकिंग और निपटारा ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है।
सरकार से अपील
संविदा कर्मियों ने सरकार से जल्द से जल्द वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की अपील की है ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और अपने कर्तव्यों का निर्वहन निर्बाध रूप से कर सकें।
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Author: Suryodaya Samachar
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