Sheohar News :- सीतामढ़ी-शिवहर नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। संशोधित परियोजना प्रस्ताव 30 जनवरी 2024 को पारित होने के बाद से शिवहर जिले में रेल परियोजना के कार्यों को नई रफ्तार मिली है।
भू-अर्जन का विवरण:
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सचिन कुमार ने जानकारी दी है कि इस परियोजना के अंतर्गत कुल 1037 खेसरा (1015 रैयती + 22 सरकारी खेसरा) भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
अब तक 338 खेसरा के रैयतों को मुआवजा भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष 677 खेसरा के रैयतों का भुगतान प्रक्रियाधीन है।
उन्होंने बताया कि:
खेसरा संख्या 144 के सभी रैयतों का भुगतान पूरा हो चुका है।
खेसरा संख्या 72 के आंशिक रैयतों को भुगतान कर दिया गया है।
जबकि खेसरा संख्या 122 में बटवारा सूट, टाइटल सूट और न्यायालय द्वारा लगी रोक के कारण भुगतान लंबित है।
परियोजना का महत्व:
शिवहर रेलवे परियोजना का मुख्य उद्देश्य सीतामढ़ी से शिवहर तक 28 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाना है। यह परियोजना सबसे पहले वर्ष 2007 में प्रस्तावित की गई थी, लेकिन लंबे समय तक प्रगति नहीं हो सकी। अब भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया सक्रिय रूप से जारी है।
परियोजना के प्रमुख बिंदु:
कुल 28 किमी लंबी रेलवे लाइन (सीतामढ़ी से शिवहर)
209 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है
शिवहर जिले में रेवासी, धनकौल और शिवहर में स्टेशन निर्माण प्रस्तावित
13 बड़े पुल और 62 छोटी पुलिया बनाए जाएंगे
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परियोजना से उम्मीदें:
यह रेल परियोजना शिवहर जिले के लोगों के लिए सुलभ यातायात, नए रोजगार अवसर, और स्थानीय व्यापार में वृद्धि का रास्ता खोलेगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेल संपर्क से इस पिछड़े जिले में विकास की नई धारा बहेगी।
Author: Suryodaya Samachar
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