EPFO New Rules : EPFO के नए PF निकासी नियमों में बीमारी, शादी, शिक्षा, घर और विशेष परिस्थितियों के लिए एडवांस निकालने की व्यवस्था सरल की गई है। जानें 12 महीने की सदस्यता, 75 प्रतिशत निकासी, बेरोजगारी और पूरे PF के सेटलमेंट से जुड़े नियम।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने PF से एडवांस पैसा निकालने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नियमों में बदलाव किए हैं। नए EPF Scheme 2026 के तहत पहले मौजूद 13 अलग-अलग आंशिक निकासी प्रावधानों को तीन श्रेणियों में समेटा गया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बीमारी, शादी, पढ़ाई, घर खरीदने और अन्य जरूरी परिस्थितियों में अपने PF का पैसा आसानी से उपलब्ध कराना है।
नए नियमों के तहत पात्र सदस्य 12 महीने की PF सदस्यता पूरी करने के बाद निर्धारित शर्तों के अनुसार निकासी कर सकते हैं। हालांकि, नौकरी छोड़ने के बाद पूरा PF निकालने और पेंशन खाते से पैसा लेने के लिए अलग नियम लागू होते हैं।
EPFO के नए नियमों में क्या बदला?
EPFO ने आंशिक निकासी के नियमों को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा है:
- Essential Needs: बीमारी, शिक्षा और शादी जैसे जरूरी खर्च।
- Housing Needs: घर या प्लॉट खरीदना, घर बनवाना, होम लोन चुकाना और मकान में सुधार।
- Special Circumstances: निर्धारित विशेष परिस्थितियों में PF से एडवांस निकासी।
नए ढांचे में पात्रता की न्यूनतम सेवा अवधि को सामान्य रूप से 12 महीने किया गया है। पहले अलग-अलग जरूरतों के लिए सेवा अवधि और शर्तें अलग हो सकती थीं।
EPFO New Rules : बीमारी, शादी और पढ़ाई के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा?
जरूरी जरूरतों के तहत निकासी की संख्या अलग-अलग निर्धारित की गई है।
| निकासी का कारण | कितनी बार निकाल सकते हैं |
|---|---|
| बीमारी या इलाज | निकासी की संख्या पर निर्धारित सीमा नहीं |
| शिक्षा | सदस्यता के दौरान अधिकतम 10 बार |
| शादी | सदस्यता के दौरान अधिकतम 5 बार |
ये सुविधाएं पात्र कर्मचारी और लागू नियमों के अनुसार उनके परिवार के सदस्यों की जरूरतों के लिए उपलब्ध हो सकती हैं। वास्तविक निकासी राशि संबंधित श्रेणी की पात्रता और खाते में उपलब्ध रकम पर निर्भर करेगी।
EPFO New Rules : घर खरीदने या बनाने के लिए PF निकालने के नियम
घर से जुड़ी जरूरतों को एक ही श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत पात्र सदस्य इन उद्देश्यों के लिए PF एडवांस ले सकते हैं:
- मकान, फ्लैट या प्लॉट खरीदना।
- घर का निर्माण कराना।
- होम लोन का भुगतान करना।
- घर की मरम्मत, बदलाव या सुधार कराना।
इस श्रेणी के तहत सदस्यता के दौरान अधिकतम पांच बार निकासी की अनुमति का प्रावधान है। हालांकि, हर आवेदन पर संबंधित उद्देश्य और पात्रता की शर्तें लागू होंगी।
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EPFO New Rules : विशेष परिस्थितियों में कितनी बार निकाल सकते हैं PF?
नए नियमों में Special Circumstances के तहत एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम दो बार निकासी की सुविधा दी गई है। इस श्रेणी में पात्र सदस्य को निर्धारित परिस्थितियों में एडवांस लेने के लिए हर बार कारण बताने की आवश्यकता नहीं हो सकती।
बेरोजगारी की स्थिति में भी PF निकासी का प्रावधान है। सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार, नौकरी छूटने पर पात्र सदस्य 75 प्रतिशत PF बैलेंस तुरंत निकाल सकता है। शेष 25 प्रतिशत राशि एक वर्ष बाद निकाली जा सकती है, लागू शर्तों के अधीन।
EPFO New Rules : PF खाते से अधिकतम कितना पैसा निकाल सकते हैं?
नए ढांचे में पात्र सदस्य के PF खाते में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान तथा उस पर मिले ब्याज को ध्यान में रखा जाता है।
आंशिक निकासी के लिए 25 प्रतिशत न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने का प्रावधान है। इसलिए पात्रता के अनुसार आम तौर पर 75 प्रतिशत तक राशि निकाली जा सकती है, लेकिन यह हर मामले में अपने आप लागू होने वाला एक समान भुगतान नहीं है।

कुछ विशेष परिस्थितियों में पूरा PF निकालने की अनुमति भी है। इनमें निर्धारित शर्तों के तहत 55 वर्ष की आयु के बाद सेवानिवृत्ति, स्थायी दिव्यांगता, काम करने में स्थायी अक्षमता, छंटनी, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और स्थायी रूप से भारत छोड़ना शामिल हो सकते हैं।
EPFO New Rules : नौकरी छोड़ने के बाद पूरा PF कब निकाल सकते हैं?
यहां आंशिक निकासी और अंतिम PF सेटलमेंट के बीच अंतर समझना जरूरी है।
नए नियमों के तहत समय से पहले अंतिम PF सेटलमेंट के लिए नौकरी छोड़ने के बाद 12 महीने की प्रतीक्षा अवधि निर्धारित की गई है। इसका अर्थ यह नहीं है कि इस अवधि में कर्मचारी अपने PF खाते से किसी भी प्रकार का पैसा नहीं निकाल सकता। पात्र जरूरतों के लिए आंशिक निकासी के नियम अलग हैं।
पेंशन योजना यानी Employees’ Pension Scheme (EPS) के तहत निकासी लाभ के लिए प्रतीक्षा अवधि 36 महीने की गई है। यह PF खाते से मिलने वाली राशि से अलग व्यवस्था है।
PF क्लेम कितने दिनों में मिलेगा? EPFO New Rules
EPFO ने डिजिटल प्रक्रिया और ऑटो-सेटलमेंट के जरिए दावों का निपटारा तेज करने पर जोर दिया है। पात्र ऑनलाइन एडवांस क्लेम को तीन कार्यदिवस के भीतर निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।
जून 2025 में EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की सीमा भी ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की थी। इस सुविधा के तहत पात्र एडवांस क्लेम का निपटारा सिस्टम के जरिए किया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक समय आवेदन की पात्रता, सत्यापन और सिस्टम की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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EPFO New Rules : PF एडवांस के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- EPFO की आधिकारिक वेबसाइट https://www.epfindia.gov.in पर जाएं।
- UAN और उपलब्ध लॉगिन सुविधा के जरिए सदस्य पोर्टल खोलें।
- KYC और बैंक खाते की जानकारी सही होने की जांच करें।
- Online Services में जाकर संबंधित क्लेम या एडवांस विकल्प चुनें।
- मांगी गई जानकारी भरें और निकासी का उद्देश्य चुनें।
- उपलब्ध निर्देशों के अनुसार आवेदन जमा करें।
- पोर्टल पर क्लेम का स्टेटस चेक करते रहें।
ध्यान रखें कि निकासी के विकल्प और जरूरी दस्तावेज आपके खाते, उद्देश्य और लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकते हैं।
निष्कर्ष
EPFO के नए नियमों का उद्देश्य PF एडवांस निकासी को सरल बनाना और कर्मचारियों को जरूरी खर्चों के लिए अपनी बचत तक समय पर पहुंच देना है। बीमारी, शिक्षा, शादी और आवास जैसी जरूरतों के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं। वहीं, समय से पहले पूरा PF निकालने और EPS पेंशन निकासी के लिए प्रतीक्षा अवधि के नियम अलग रखे गए हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक EPFO पोर्टल पर अपनी पात्रता और लागू शर्तें जरूर जांचें।
Author: Suryodaya Samachar
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