Chitrakoot news :– “जनता की सेवा” का संकल्प लेने वाला जब स्वयं कानून की अवहेलना करे, तो व्यवस्था पर से लोगों का विश्वास डगमगाने लगता है। ऐसा ही एक मामला चित्रकूट जनपद के रैपुरा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ दारोगा शिवसागर दुबे को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
भदोही निवासी दारोगा शिवसागर दुबे, रैपुरा थाने में तैनात थे। शिकायतकर्ता शत्रुघ्न सिंह ने जब भ्रष्टाचार की इस कड़ी की जानकारी एंटी करप्शन टीम को दी, तो अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शत्रुघ्न सिंह ने पुख्ता वीडियो सबूत और तथ्य प्रस्तुत किए, जिसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
पांच हजार की रिश्वत बना कलंक
मामला भले ही “महज पांच हजार रुपये” की रिश्वत का हो, लेकिन यह प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा धब्बा है। पुलिस जैसी संस्था, जिस पर आम जनता न्याय और सुरक्षा के लिए भरोसा करती है, अगर वहीं का अधिकारी पैसे लेकर कानून का सौदा करने लगे तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
रिश्वतखोरी से डगमगाया भरोसा
दारोगा की गिरफ्तारी से न केवल चित्रकूट पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी आक्रोश देखने को मिला। लोग अब सवाल पूछ रहे हैं — क्या हमारे रक्षक ही भक्षक बनते जा रहे हैं?
पुलिस अधीक्षक ने की तत्काल कार्रवाई
चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से दारोगा शिवसागर दुबे को निलंबित कर दिया है और मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एसपी का यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही की मिसाल बन रहा है।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक जरूरी संदेश
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह छोटा कर्मचारी हो या कोई अधिकारी। एंटी करप्शन टीम की तत्परता और निष्पक्षता प्रशासन के अंदर से गंदगी साफ करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि कानून की रक्षा करने वालों को सबसे पहले स्वयं कानून का पालन करना चाहिए। रिश्वत लेना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और प्रशासनिक तंत्र के प्रति विश्वासघात है। जनता को अब आगे आकर ऐसे मामलों को उजागर करना होगा, तभी एक भ्रष्टाचार मुक्त भारत की परिकल्पना साकार हो सकेगी।
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रिपोर्टर:
- रामेश्वर सोनी
- जिला ब्यूरो चीफ, सूर्योदय समाचार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ग्रुप, सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)
Author: Suryodaya Samachar
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