Bihar news :- जमुनिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय की जर्जर स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। विद्यालय भवन की हालत इस कदर खतरनाक है कि उसमें पढ़ाई कराना बच्चों की जान से खिलवाड़ करने के समान है। मंगलवार को स्कूल की भयावह दशा से क्षुब्ध ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि अविलंब नया भवन नहीं बना, तो वे बच्चों के साथ प्रखंड कार्यालय का घेराव करेंगे।
📌 तीन कमरे, दो खंडहर – पढ़ाई सिर्फ नाम की
इस विद्यालय में वर्तमान में कुल 478 छात्र पंजीकृत हैं। इनमें से 203 छात्र मूल विद्यालय के हैं, जबकि 275 छात्र दानियाल प्रसौना पंचायत के सुगर छाप स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय से मर्ज किए गए हैं। लेकिन छात्रसंख्या में हुई इस भारी वृद्धि के बावजूद विद्यालय की भौतिक संरचना में कोई सुधार नहीं हुआ है।
विद्यालय भवन में कुल तीन कमरे हैं, जिनमें से दो पूरी तरह जर्जर और खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। तीसरे और एकमात्र सुरक्षित माने जाने वाले हॉल में 100 से अधिक बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। गर्मी, बारिश और भीड़ के बीच बच्चों को शिक्षा देना किसी चुनौती से कम नहीं है।
🧑🏫 शिक्षक कम, जिम्मेदारी ज्यादा
विद्यालय में कुल 11 शिक्षक कार्यरत हैं, जो बढ़ी हुई छात्र संख्या को देखते हुए अपर्याप्त हैं। नतीजतन, न तो बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान मिल पा रहा है और न ही शिक्षा की गुणवत्ता बनी रह पा रही है। अभिभावक भी चिंतित हैं कि इस माहौल में उनके बच्चों का भविष्य क्या होगा।
📣 बार-बार की शिकायतें, लेकिन कोई सुनवाई नहीं
प्रदर्शन में अनूप कुमार, चन्द्रिका राम, विशाल मिश्रा, झुनझुन मिश्रा, डब्लू शाह, वीरेंद्र शर्मा, भवाली राम, दिनेश शाह और अमित पाठक सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए। उनका आरोप है कि वे कई बार प्रशासन से भवन निर्माण की मांग कर चुके हैं, ज्ञापन सौंपे गए हैं और यहां तक कि बीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक ट्विटर पर तस्वीरें भेजी गईं। फिर भी अब तक किसी भी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
🏫 शिक्षा पदाधिकारी ने दी प्रतिक्रिया
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीष कर ने बताया कि उन्हें विद्यालय की खस्ताहाल स्थिति की जानकारी है और उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत अन्य उच्चाधिकारियों को भेज दी है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि जल्द ही समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
🛑 ग्रामीणों की चेतावनी: नहीं सुधरा प्रशासन, तो उग्र आंदोलन होगा
स्थानीय लोगों ने कहा है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तो वे अपने बच्चों को साथ लेकर प्रखंड कार्यालय का घेराव करेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे। यह सिर्फ बच्चों की शिक्षा नहीं, उनकी जान और भविष्य का सवाल है।
Author: Suryodaya Samachar
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