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Artemis || Moon journey :- आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा तक पहुंचने में कितना समय लगाएंगे? NASA मिशन 6 अप्रैल को चंद्रमा के पास पहुंचेगा

Artemis || Moon journey :- नासा (NASA) का ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन 1 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक लॉन्च हो चुका है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री — कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच (NASA) और जेरेमी हansen (कैनेडियन स्पेस एजेंसी) — ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर चंद्रमा की यात्रा पर हैं।

यह मिशन अपोलो कार्यक्रम के बाद 50 वर्षों में पहली बार मानव को चंद्रमा के आसपास ले जा रहा है। पूरी मिशन अवधि लगभग 10 दिन की है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर घूमकर (lunar flyby) वापस पृथ्वी लौट आएंगे।

चंद्रमा तक पहुंचने में कितना समय लगेगा?
लॉन्च के बाद अंतरिक्ष यात्री पहले पृथ्वी की उच्च कक्षा में लगभग 24 घंटे बिताएंगे। इसके बाद ट्रांसलूनर इंजेक्शन (Translunar Injection) बर्न से वे पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से मुक्त होकर चंद्रमा की ओर बढ़ेंगे।

नासा के अनुसार, चंद्रमा के आसपास पहुंचने में लगभग 5 से 6 दिन का समय लगेगा। अंतरिक्ष यात्री 6 अप्रैल 2026 को चंद्रमा के निकट पहुंचेंगे, जहां वे चंद्रमा की सतह से लगभग 6,000 किलोमीटर की दूरी पर फ्लाईबाय करेंगे। इस दौरान वे चंद्रमा के दूर वाले हिस्से (far side of the Moon) को भी देखेंगे, जो पहले कभी मानव आंखों से नहीं देखा गया।

In this photo provided by NASA, a view of the Earth from NASA’s Orion spacecraft as it orbits above the planet during the Artemis II test flight, on Thursday, April 2, 2026. (NASA via AP)

यात्रा के दौरान ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी (लगभग 4 लाख किलोमीटर से अधिक) तय करेगा, जो अपोलो 13 के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकता है।

मिशन का पूरा समयरेखा:
1 अप्रैल 2026: लॉन्च (केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा)
दिन 1-2: पृथ्वी की उच्च कक्षा में सिस्टम चेक
ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न: पृथ्वी की कक्षा से बाहर

6 अप्रैल 2026: चंद्रमा के पास पहुंच और फ्लाईबाय
वापसी यात्रा: लगभग 3-4 दिन

10 अप्रैल 2026: प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन
यह मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण टेस्ट फ्लाइट है, जो भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस बनाने और 2028 में चंद्रमा पर लैंडिंग की तैयारी कर रहा है। अंतरिक्ष यात्री मिशन के दौरान विभिन्न सिस्टम टेस्ट करेंगे और चंद्रमा की उच्च-रिजोल्यूशन तस्वीरें लेंगे।

नासा के मुताबिक, मिशन अब तक सुचारू रूप से चल रहा है और क्रू अच्छी स्थिति में है। यह यात्रा पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति और चंद्रमा की कक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है।

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Author: Suryodaya Samachar

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