बड़ी खबर
Abhishek Sharma :- लगातार फ्लॉप हो रहे अभिषेक शर्मा पर उठे सवाल, जिम्बाब्वे सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद टीम में जगह पर बहस तेज Pralhad Joshi :- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार Saharsa NEET Protest :- NEET पेपर लीक के विरोध में सहरसा में छात्रों का प्रदर्शन, पथराव और आगजनी के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज Ravneet Singh Bittu :- मोदी कैबिनेट से रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा, पंजाब चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति पर बढ़ी चर्चा Dharmendra Pradhan resigned today :- धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा कहा युवाओं की भावनाओं का सम्मान जरूरी, जानिए 10 बड़े कारण Dharmendra Pradhan Resigns :- धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से दिया इस्तीफा, छात्र आंदोलन के बीच लिया बड़ा फैसला

Home » उत्तर प्रदेश » वाराणसी » उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा जनसुनवाई, महिला उत्पीड़न के 43 मामलों का हुआ निस्तारण

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा जनसुनवाई, महिला उत्पीड़न के 43 मामलों का हुआ निस्तारण

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग :- [रिपोर्टर सुजीत सिंह वाराणसी] उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न की रोकथाम और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 16 अक्टूबर 2024 को सर्किट हाउस, वाराणसी में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोग की सदस्य नीलम प्रभात, अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) ममता रानी, और जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पाण्डेय ने महिला उत्पीड़न के कुल 43 प्रकरणों को सुना और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग : शासन की मंशा के अनुरूप महिला जनसुनवाई कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा प्रदेशभर में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा करना और पीड़ित महिलाओं को त्वरित कानूनी सहायता प्रदान करना है। इस क्रम में वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई में 43 महिलाओं द्वारा दायर प्रार्थना पत्रों पर विचार किया गया।

सदस्य नीलम प्रभात ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके लिए न्याय की पहुंच को आसान बनाने के लिए किया गया है। महिला उत्पीड़न के मामलों की त्वरित सुनवाई और निस्तारण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, महिला थाना प्रभारी, और संबंधित थानों के क्षेत्राधिकारियों को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

https://suryodayasamachar-in.stackstaging.com/ind-vs-nz-1st-test-fans-created-a-lot-of-noise-after-seeing-virat-kohli-video/

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग : महिला उत्पीड़न के 43 मामलों का निस्तारण

जनसुनवाई के दौरान 43 प्रकरणों में तत्काल कानूनी निस्तारण के निर्देश दिए गए। इनमें से तीन महिलाओं द्वारा वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिन्हें समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को तुरंत समाधान करने का आदेश दिया गया। महिला उत्पीड़न के मामलों में आयोग ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट और लम्बित मामलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और उनके त्वरित समाधान के लिए भी निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग
शिकायतों का समाधान करती हुई टीम

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग : महिला सुरक्षा और कल्याण पर विशेष ध्यान

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने महिला सुरक्षा और कल्याण के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों पर भी चर्चा की। जिला दिव्यांगजन अधिकारी रामप्रकाश सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शैलेन्द्र तिवारी, और चाइल्ड यूनिट की पारुल राय ने भी इस जनसुनवाई में सक्रिय भूमिका निभाई। विशेष किशोर पुलिस इकाई की प्रभारी अनिता चौहान ने भी महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा के संदर्भ में अपनी जानकारी साझा की और सुझाव दिए।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग : पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता

राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए कोई भी कदम अनदेखा न किया जाए। आयोग लगातार महिलाओं के हितों के लिए काम कर रहा है और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे महिलाओं के उत्पीड़न के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।”

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग : सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदम :-

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा वाराणसी में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम ने महिलाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को पुन: स्थापित किया है। यह सुनिश्चित किया गया कि महिला उत्पीड़न के मामलों का त्वरित समाधान हो और पीड़ित महिलाओं को न्याय की सुगमता से पहुंच हो। इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

Read more news:-

suryodayasamachar.in

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

खबर से पहले आप तक

Leave a Comment

Live Cricket

ट्रेंडिंग