Varanasi News :- उत्तर प्रदेश शासन की जीरो टॉलरेंस की नीति और डीजीपी के निर्देशों के तहत वाराणसी पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल और थाना लालपुर पांडेयपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 71 सिम कार्ड (11 एक्टिवेट), एक बायोमेट्रिक मशीन, चार एंड्रॉयड फोन और करीब 18,000 रुपए नगद बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
सुनील यादव (थाना तरवा, जिला आज़मगढ़)
शुभम अग्रहरी (थाना पांडेपुर, वाराणसी)
नियाज अहमद (थाना जैतपुरा, वाराणसी)
अरुण त्रिपाठी (थाना कोतवाली, वाराणसी)
इनमें से एक आरोपी पीओएस एजेंट भी है।
अपराध का तरीका
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी कम पढ़े-लिखे लोगों को सिम लेने या पोर्ट कराने के बहाने बुलाते थे। नेटवर्क समस्या का बहाना बनाकर उनके ई-केवाईसी और डी-केवाईसी कराते और उसी नाम पर फर्जी सिम कार्ड बना लेते। बाद में इन सिम कार्ड्स को पैक करके दिल्ली समेत अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों को कुरियर और बसों के माध्यम से सप्लाई किया जाता था। इन फर्जी सिम का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था।

पुलिस की कार्रवाई
वाराणसी पुलिस ने बताया कि टेलीकॉम कंपनी को आरोपी एजेंट का लाइसेंस निरस्त करने की सूचना भेज दी गई है। साथ ही, आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम
गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल थे:
मनोज कुमार तिवारी, प्रभारी साइबर सेल
राजीव कुमार सिंह, प्रभारी थाना लालपुर पांडेयपुर
धीरेंद्र तिवारी, उप निरीक्षक
तथा अन्य पुलिसकर्मी।
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Author: Suryodaya Samachar
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