Varanasi News :- वाराणसी में सड़क के बीचों-बीच बनी एक अवैध मजार को लेकर मचे विवाद का मंगलवार को पटाक्षेप हो गया, जब प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलवा कर मजार को ध्वस्त करवा दिया। यह कदम धरोहर संरक्षण सेवा संगठन द्वारा प्रशासन को दिए गए 10 दिन के अल्टीमेटम के बाद उठाया गया, जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि यदि मजार नहीं हटाई गई तो संगठन स्वयं इसे सड़क से हटाने का कार्य करेगा।
🔍 RTI में खुली सच्चाई, रिपोर्ट में हुई पुष्टि
धरोहर संरक्षण सेवा संगठन के संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय ने RTI के माध्यम से राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) से इस मजार की वैधता से संबंधित दस्तावेज मांगे थे। जवाब में दोनों विभागों ने यह स्पष्ट किया कि मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी है और यह सड़क यातायात में बाधा और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है।
PWD और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच टीम ने स्थल निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट में माना कि मजार से यातायात में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है और दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है, विशेषकर स्कूल और ऑफिस टाइम में।

🚨 VIP मार्ग पर बना था अवैध ढांचा
यह मजार उस सड़क के मध्य में बनी हुई थी जहां से अक्सर वीआईपी मूवमेंट होता है और वहीं पास में ही टीएफसी सेंटर भी स्थित है, जिससे यह स्थान सुरक्षा एजेंसियों की नजर में भी रहता था।
💬 संगठन की चेतावनी से हरकत में आया प्रशासन
संगठन ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि 10 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन खुद मजार हटाएगा। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार तड़के बुलडोजर भेजकर मजार हटवा दी।
इस मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण रही।
🗣️ संगठन का बयान: यह शुरुआत है, अंत नहीं
संयोजक कृष्णा नन्द पाण्डेय ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा: “यह सिर्फ एक मजार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे शहर में फैले अवैध धार्मिक निर्माणों के खिलाफ एक अभियान की शुरुआत है। प्रशासन को सभी थानों और तहसीलों को निर्देशित करना चाहिए कि वे अपने क्षेत्र की सरकारी जमीनों की सूची बनाकर ऐसी सभी मजारों, मस्जिदों व अन्य अतिक्रमणों पर कार्रवाई करें।”

👥 स्थानीय जनता ने जताया संतोष
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इस मजार की वजह से आए दिन ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएं होती थीं। अब रास्ता साफ होने से लोगों को राहत मिलेगी और यातायात सुचारु होगा।
⚖️ कानूनी दस्तावेजों ने मजबूत किया प्रशासन का पक्ष
धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई करना आमतौर पर एक संवेदनशील विषय होता है, लेकिन इस मामले में कानूनी दस्तावेज, RTI और विभागीय रिपोर्ट के स्पष्ट होने के कारण प्रशासन को निर्णय लेने में कोई दुविधा नहीं रही।
🔚 अगला कदम: पूरे शहर की होगी सूची तैयार
सूत्रों के अनुसार, संगठन अब पूरे वाराणसी में बनी अवैध मजारों, मस्जिदों और अन्य धार्मिक निर्माणों की सूची तैयार कर प्रशासन को सौंपेगा। इसके बाद इन पर भी कार्रवाई की रणनीति बनाई जा रही है।
📌 निष्कर्ष:
प्रशासन की यह कार्रवाई न सिर्फ संगठन की जीत है, बल्कि आम जनता के लिए भी एक राहतभरी खबर है। अब सवाल यह है कि क्या यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी या फिर यह सिर्फ एक “प्रतीकात्मक कार्रवाई” बनकर रह जाएगी।
Author: Suryodaya Samachar
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