UP Marriage Scheme 2026 : UP Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana 2026 के तहत पात्र परिवारों को बेटी की शादी के लिए ₹1 लाख की सहायता दी जा रही है। जानें ₹64 हजार की राशि, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया।
उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों की शादी के खर्च में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र जोड़ों के विवाह पर सरकार की ओर से कुल ₹1 लाख खर्च किए जाने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों पर शादी के खर्च का बोझ कम करना और नवविवाहित जोड़ों को नई गृहस्थी शुरू करने में मदद देना है।
योजना की संशोधित व्यवस्था के अनुसार अब दुल्हन के बैंक खाते में सीधे ₹64,000 भेजने का प्रावधान है। पहले खाते में ₹60,000 की सहायता दी जाती थी। चांदी की पायल और बिछिया के लिए निर्धारित ₹4,000 की राशि को अब सीधे बैंक खाते में मिलने वाली सहायता में शामिल किया गया है।
इस बदलाव से पात्र लाभार्थियों को नकद आर्थिक सहायता अधिक मिलेगी। शेष राशि उपहार सामग्री और सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च की जाएगी।
UP Marriage Scheme 2026 : ₹1 लाख की सहायता राशि का कैसे होता है बंटवारा?
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़े के लिए निर्धारित ₹1 लाख की राशि को तीन हिस्सों में बांटा गया है।
1. दुल्हन के बैंक खाते में ₹64,000: यह राशि नवविवाहित महिला को आर्थिक सहायता देने और नई गृहस्थी शुरू करने में मदद के लिए सीधे उसके बैंक खाते में भेजी जाती है।
2. उपहार सामग्री के लिए ₹21,000: इस मद में कपड़े, बर्तन, डिनर सेट और गृहस्थी से जुड़ी अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की जाती है।
3. विवाह समारोह के आयोजन के लिए ₹15,000: यह धनराशि पंडाल, भोजन, टेंट और विवाह से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च की जाती है।
इस प्रकार तीनों मदों को मिलाकर कुल सहायता राशि ₹1 लाख होती है। पूरी राशि दुल्हन को नकद नहीं मिलती है। इसमें से ₹64,000 सीधे उसके बैंक खाते में भेजे जाते हैं जबकि बाकी राशि निर्धारित मदों में खर्च की जाती है।
UP Marriage Scheme 2026 : किन परिवारों को मिल सकता है योजना का लाभ?
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के पात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दिया जाता है। इसमें विभिन्न जातियों और वर्गों के निर्धन परिवार शामिल हो सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
- निवास: आवेदक परिवार को उत्तर प्रदेश की निर्धारित निवास संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।
- लड़की की उम्र: विवाह के समय लड़की की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
- लड़के की उम्र: विवाह के समय लड़के की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
- पारिवारिक आय: परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। नवीनतम आय सीमा की पुष्टि संबंधित विभाग से करें।
- पात्र वर्ग: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के पात्र निर्धन परिवार आवेदन कर सकते हैं।
- पुनर्विवाह: निर्धारित नियमों के अंतर्गत पात्र विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह के लिए भी सहायता उपलब्ध हो सकती है।
ध्यान रखें कि केवल आर्थिक रूप से कमजोर होना ही पर्याप्त नहीं है। आवेदन का सत्यापन और योजना की अन्य शर्तों को पूरा करना भी जरूरी है।

आवेदन करने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
योजना में आवेदन करते समय वर और वधू से संबंधित दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
- वर और वधू का आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र जैसे जन्म प्रमाण पत्र या हाईस्कूल की मार्कशीट
- परिवार का आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र
- दुल्हन की बैंक पासबुक या खाते से संबंधित विवरण
- वर और वधू की पासपोर्ट साइज फोटो
- विधवा या तलाकशुदा आवेदिका के मामले में संबंधित प्रमाण पत्र या न्यायालय का आदेश
दस्तावेजों की अंतिम सूची आवेदन के समय आधिकारिक पोर्टल और संबंधित कार्यालय से जरूर जांच लें। बैंक खाते को आधार से जोड़ने और भुगतान के लिए आवश्यक सत्यापन की शर्तें भी पूरी होनी चाहिए।
UP Marriage Scheme 2026 : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन कैसे करें?
इच्छुक परिवार योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आधिकारिक वेबसाइट: https://cmsvy.upsdc.gov.in
आवेदन के लिए इन चरणों का पालन करें।
- सबसे पहले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन या पंजीकरण संबंधी विकल्प खोलें।
- वर और वधू की व्यक्तिगत जानकारी तथा मांगे गए विवरण भरें।
- आय, निवास, आयु और बैंक खाते से संबंधित जरूरी जानकारी दर्ज करें।
- निर्धारित दस्तावेज अपलोड करें और सभी विवरणों को ध्यान से जांचें।
- आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद या प्रिंट कॉपी सुरक्षित रखें।
- संबंधित विकास खंड कार्यालय, नगर निकाय या जिला समाज कल्याण विभाग से आवेदन सत्यापन और सामूहिक विवाह की तारीख की जानकारी प्राप्त करें।
आवेदन करने का अर्थ यह नहीं है कि सहायता राशि तुरंत मिल जाएगी। लाभार्थी की पात्रता, दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित सामूहिक विवाह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही योजना का लाभ दिया जाता है।
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UP Marriage Scheme 2026 : योजना का उद्देश्य क्या है?
बेटी की शादी के दौरान होने वाला खर्च कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चिंता बन जाता है। ऐसे परिवारों को कई बार कर्ज लेना पड़ता है या अपनी जरूरतों में कटौती करनी पड़ती है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य इस आर्थिक दबाव को कम करना है। सामूहिक समारोह में विवाह संपन्न कराने से परिवारों को आयोजन संबंधी खर्च में भी राहत मिलती है। साथ ही सीधे बैंक खाते में सहायता भेजने से लाभार्थी तक आर्थिक मदद पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।
UP Marriage Scheme 2026 : आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
योजना का लाभ लेने के इच्छुक परिवारों को विवाह की निर्धारित तारीख से पहले आवेदन प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए। आयु, आय प्रमाण पत्र और बैंक खाते से संबंधित जानकारी में गलती होने पर आवेदन के सत्यापन में परेशानी आ सकती है।
परिवार की आय सीमा, आवेदन की अंतिम तारीख, आगामी सामूहिक विवाह समारोह और पात्रता की नवीनतम शर्तों के बारे में अपने विकास खंड कार्यालय या जिला समाज कल्याण विभाग से जानकारी लें।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहायता है। इसके तहत पात्र जोड़े के विवाह पर कुल ₹1 लाख का प्रावधान है, जिसमें ₹64,000 सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इच्छुक परिवार आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन संबंधी जानकारी लेकर जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और सभी नियमों की पुष्टि करने के बाद ही आवेदन करें।
Author: Suryodaya Samachar
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