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Bada Mangal 2025 :- ज्येष्ठ का तीसरा बड़ा मंगल और भौमवती अमावस्या – जानें 7 चमत्कारी उपाय जो दूर करेंगे दुख और दरिद्रता”

Bada Mangal 2025 :- 27 मई को ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल और भौमवती अमावस्या एक दुर्लभ संयोग है। यह दिन हनुमान जी की उपासना और पितृ शांति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। जब बड़ा मंगल और अमावस्या एक साथ आते हैं, तो यह विशेष योग जीवन की सभी बाधाओं को दूर करने में मदद करता है। आइए जानें इस शुभ दिन पर किए जाने वाले कुछ खास उपाय, जो आपके दुखों को दूर कर सकते हैं

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1. हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं

इस दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने से शत्रु भय, मानसिक तनाव और बाधाएं दूर होती हैं। यह उपाय विशेष रूप से रोजगार, व्यापार और कोर्ट-कचहरी संबंधी मामलों में सफलता दिलाता है।

 

2. हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें

तीसरे बड़े मंगल को हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सुख-समृद्धि का वास होता है।

 

3. भौमवती अमावस्या पर पितृ तर्पण और दीपदान करें

अमावस्या तिथि पितृ कार्यों के लिए श्रेष्ठ होती है। इस दिन पवित्र नदी या जल में तर्पण करें और शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं। इससे पितरों की कृपा बनी रहती है और पारिवारिक कलह दूर होते हैं।

 

4. मंगल दोष से मुक्ति के लिए गुड़ और मसूर दाल दान करें

यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो इस दिन गुड़ और मसूर दाल का दान किसी ब्राह्मण या ज़रूरतमंद को करें। यह उपाय वैवाहिक जीवन की समस्याओं को शांत करता है।

 

5. लाल वस्त्र धारण करें और लाल चंदन का तिलक लगाएं

इस दिन लाल रंग का विशेष महत्व होता है। लाल वस्त्र पहनकर लाल चंदन का तिलक लगाने से आत्मबल और आत्मविश्वास बढ़ता है।

 

6. हनुमान मंदिर में 5 लड्डुओं का भोग लगाएं और प्रसाद बांटें

भोग लगाने के बाद यह प्रसाद गरीबों में बांटने से पुण्य की प्राप्ति होती है और दरिद्रता दूर होती है।

 

7. ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ मंत्र का जाप करें

यह मंगल ग्रह का बीज मंत्र है। इसका 108 बार जाप करने से क्रोध, रक्तदोष और भूमि संबंधी विवादों में लाभ मिलता है।

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उपसंहार:

27 मई को ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल और भौमवती अमावस्या का यह पावन संयोग जीवन में दुर्लभ अवसर की तरह होता है। यदि श्रद्धा और विधिपूर्वक इन उपायों को किया जाए, तो जीवन के अनेक कष्टों से मुक्ति पाई जा सकती है। यह दिन शक्ति, श्रद्धा और सेवा का संगम है—जिसे आत्मिक बल और पारिवारिक सुख के लिए जरूर अपनाना चाहिए।

Suryodaya Samachar
Author: Suryodaya Samachar

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