सोनभद्र में समर कैंप :- गर्मी की छुट्टियों को सिर्फ विश्राम का नहीं, बल्कि रचनात्मकता और प्रतिभा विकास का अवसर बनाने के उद्देश्य से विकास खंड घोरावल के अंतर्गत स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय मोराही में मंगलवार को समर कैंप का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संकुल शिक्षक माता प्रसाद सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजन-अर्चन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।
यह समर कैंप उत्तर प्रदेश शासन और विद्यालय शिक्षा महानिदेशालय के दिशा-निर्देशों के तहत 21 मई से 10 जून तक संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवेश के बच्चों को स्कूल की शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनके भीतर छिपी प्रतिभा को उजागर करना है।
रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास पर जोर
संकुल शिक्षक माता प्रसाद सिंह ने बताया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पाठ्येत्तर गतिविधियों को भी समान रूप से महत्व देना आवश्यक है। समर कैंप में बच्चों को नृत्य, गायन, चित्रकला, हस्तकला, अभिनय, संवाद कौशल और योग जैसी गतिविधियों से रूबरू कराया जा रहा है, ताकि वे अपनी रुचियों और क्षमताओं को पहचान सकें।
पहले दिन की गतिविधियां और बच्चों का उत्साह
कैम्प के प्रथम दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास से हुई, जिसमें वृक्षासन, श्वास नियंत्रण, जंपिंग जैक और हूपर हाफ जैसी क्रियाएं करवाई गईं। प्रशिक्षकों ने बच्चों को योग के महत्व और उसके लाभों की जानकारी दी। इसके अलावा समूहगत गतिविधियों में सहयोग, अनुशासन और टीम भावना जैसे गुणों को भी विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
समुदाय की भागीदारी
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में न केवल विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ की अहम भूमिका रही, बल्कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी सराहनीय रही। इस अवसर पर एसएमसी अध्यक्ष रमेश कुमार, प्रशिक्षक रामेश्वर प्रसाद सोनी, श्याम सुंदर भारती समेत कई ग्रामीण अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उम्मीदों की नई दिशा
लगभग पचास बच्चों ने पहले दिन के शिविर में भाग लिया और अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें विद्यालय की पारंपरिक पढ़ाई के अतिरिक्त कुछ नया सीखने को मिल रहा है, जो बेहद आनंददायक है। यह शिविर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और मानसिक विकास में भी सहायक साबित हो रहा है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय मोराही का यह समर कैंप न केवल विद्यार्थियों के लिए एक सीखने का मंच है, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में नवाचार और समावेशी विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। आने वाले दिनों में इस शिविर के माध्यम से और भी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों को अपनी प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ने के और अधिक अवसर मिलेंगे।
Author: Suryodaya Samachar
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