शाहगंज (सोनभद्र):- बुधवार को घोरावल तहसील क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और बच्चों के शैक्षिक स्तर का जायज़ा लेने के उद्देश्य से खण्ड शिक्षा अधिकारी घोरावल श्री अरविंद कुमार सिंह पटेल ने प्राथमिक विद्यालय बिछिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में पठन-पाठन व्यवस्था, स्वच्छता और बच्चों की उपस्थिति का गहराई से मूल्यांकन किया।
निरीक्षण के दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारी ने कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों से सीधा संवाद स्थापित कर उनके ज्ञान स्तर को परखा। बच्चों से पाठ्यपुस्तकों से पाठ पढ़वाए गए, साथ ही मौखिक व लिखित प्रश्नों के माध्यम से उनकी समझ, लेखन क्षमता व अभिव्यक्ति कौशल का मूल्यांकन किया गया। बच्चों की त्वरित और सटीक उत्तर देने की क्षमता से श्री पटेल काफी प्रभावित हुए और उन्होंने बच्चों की मेहनत और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।
विद्यालय में सफाई व्यवस्था का भी उन्होंने अवलोकन किया, जिसमें कक्षाओं, शौचालयों और परिसर की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई। परिसर में लगे पेड़-पौधों और हरियाली को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यालय परिवार को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण बच्चों के मानसिक विकास के लिए अनिवार्य है।
निरीक्षण के समय प्रभारी प्रधानाध्यापक बड़ेलाल यादव, शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष वकील अहमद खान, शिक्षा मित्र ओमप्रकाश व पूनम सिंह विद्यालय में मौजूद थे। खण्ड शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और बच्चों की 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति पर संतोष जताया और इसे अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता सकारात्मक संकेत है।
इसके बाद पटेल ने कंपोजिट विद्यालय रघुनाथपुर का भी निरीक्षण किया, जहाँ सभी अध्यापक, शिक्षामित्र व अनुदेशक समय पर उपस्थित पाए गए। उन्होंने वहाँ की कक्षाओं और बच्चों से भी संवाद कर शैक्षिक स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों की मूलभूत दक्षताओं पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा उन्हें नवाचारों से जोड़कर रचनात्मक ढंग से शिक्षण कराया जाए।
निरीक्षण के अंत में खण्ड शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों को उनके समर्पण और अनुशासन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि यदि इसी तरह सभी विद्यालयों में शिक्षक-छात्र की भागीदारी बनी रही, तो क्षेत्र में प्राथमिक शिक्षा का स्तर निश्चित रूप से ऊँचाइयों को छुएगा।
खण्ड शिक्षा अधिकारी का यह निरीक्षण न केवल शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखने का एक सशक्त प्रयास था, बल्कि इससे विद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और शैक्षिक गुणवत्ता को भी बढ़ावा मिलेगा।
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Author: Suryodaya Samachar
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