Kanwad yatra 2025 :- सावन के दूसरे सोमवार की पावन बेला पर राजेन्द्र प्रसाद घाट पर आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्र प्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती उतारकर समृद्ध भारत की कामना की।
गंगा आरती के दौरान पूरा घाट “हर-हर महादेव” और “हर-हर गंगे” के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा। आरती में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आए श्रद्धालु भी शामिल हुए और इस पावन क्षण के साक्षी बने।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र की ओर से सभी श्रद्धालुओं को “स्वच्छ भारत – स्वस्थ भारत” का संकल्प दिलाया गया। इस अनोखे आयोजन का संयोजन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर श्री राजेश शुक्ला द्वारा किया गया।
उन्होंने श्रद्धालुओं को गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता एवं संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा:
> “कांवड़ यात्रा न केवल शिवभक्ति और जलाभिषेक का प्रतीक है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का भी सशक्त संदेश देती है। यह यात्रा वास्तव में सृष्टि सृजन का दूसरा रूप है।”
कांवड़ यात्रा : आस्था और सामाजिक सरोकार का मेल
राजेश शुक्ला ने कहा कि सावन मास की कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि यह पवित्र नदियों के महत्व और जल संचय की आवश्यकता को समझने और समाज में जागरूकता फैलाने का एक अवसर भी है।
उल्लेखनीय उपस्थिति
इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु, कांवड़िया, स्थानीय नागरिक और स्वच्छता कार्यों से जुड़े लोग मौजूद रहे। सभी ने मां गंगा से प्रार्थना की कि भारत समृद्ध, स्वच्छ और रोगमुक्त बने।
Author: Suryodaya Samachar
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