Sonbhadra news :- [ब्यूरो चीफ रामेश्वर सोनी] शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और “निपुण भारत मिशन” की लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए घोरावल विकास खंड में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अरविंद कुमार पटेल के नेतृत्व में दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया गया। ये बैठकें ब्लॉक संसाधन केंद्र घोरावल एवं कंपोजिट विद्यालय खजूरी में संपन्न हुईं, जिनमें विकासखंड के सभी प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक सम्मिलित हुए।
नामांकन पर विशेष जोर
बीईओ ने निर्देश दिया कि छह वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी बच्चों का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का पहला कदम स्कूल में दाखिला है, और कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे, यह हम सबकी जिम्मेदारी है।
डोर-टू-डोर संपर्क से बढ़ेगी उपस्थिति
उन्होंने प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि जिन बच्चों की नियमित उपस्थिति विद्यालय में नहीं हो रही है, उनके माता-पिता से व्यक्तिगत संपर्क किया जाए। डोर-टू-डोर अभियान चलाकर बच्चों की उपस्थिति 80 प्रतिशत से ऊपर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल ना सिर्फ उपस्थिति में सुधार लाएगी बल्कि माता-पिता की जागरूकता भी बढ़ाएगी।
निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
अरविंद कुमार पटेल ने कहा कि “निपुण भारत मिशन” के तहत चल रही शैक्षिक गतिविधियों को सुनियोजित और नियमित रूप से लागू किया जाए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाना प्राथमिकता होनी चाहिए। मिशन की गतिविधियों में स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम, बेसलाइन आकलन, और पठन-पाठन सामग्री का सही उपयोग विशेष रूप से उल्लेखित किया गया।

SMC की भूमिका को बताया अहम
बैठक में बीईओ ने स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि इन समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। समिति के माध्यम से विद्यालय और समुदाय के बीच सेतु मजबूत होगा और अभिभावकों की भागीदारी भी बढ़ेगी।
सैकड़ों शिक्षक हुए शामिल
इस बैठक में SRG विनोद कुमार, संजय मिश्रा, नर्वदेश्वर प्रसाद पाठक, अजय कुमार मिश्रा, समेत विकासखंड के सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए वे पूर्ण मनोयोग से कार्य करेंगे।
निष्कर्ष: शिक्षा की दिशा में सार्थक पहल
बीईओ घोरावल अरविंद कुमार पटेल द्वारा आयोजित यह बैठक शिक्षा सुधार की दिशा में एक सशक्त और प्रभावशाली कदम सिद्ध हो रही है। बच्चों का समय पर नामांकन, उपस्थिति में बढ़ोत्तरी, शैक्षिक गतिविधियों का प्रभावी संचालन और अभिभावकों की भागीदारी – ये सभी प्रयास सुनिश्चित करेंगे कि निपुण भारत मिशन की भावना जमीनी स्तर पर साकार हो।
Author: Suryodaya Samachar
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